राष्ट्रीय

बिहार विधानसभा चुनाव : LJP का नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी तनातनी के बीच एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में संसदीय दल की बैठक में अहम फैसला लिया गया। पार्टी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय किया है। हालांकि, एक साल से बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के माध्यम से उठाए गए मुद्दों पर एलजेपी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखी। हालांकि, एलजेपी के सभी विधायक पीएम मोदी को और मजबूत करेंगे।

पार्टी ने किसी भी फैसले के लिए अध्यक्ष चिराग पासवान को पहले ही अधिकृत कर दिया था। उधर, एनडीए के साथी भाजपा और जदयू आज किसी भी वक्त सीट बंटवारे की घोषणा कर सकती है।बता दें कि इससे पहले एलजेपी संसदीय दल की बैठक शनिवार को होनी थी लेकिन पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की तबीयत बिगड़ने की वजह से ये बैठक टालनी पड़ गई थी।

बीजेपी का प्लान बी तैयार


बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए के दो अहम साझीदार भाजपा और जदयू ने कथित रूप से सीट-बंटवारे से संबंधित मुद्दों का लगभग समाधान कर लिया है। दोनों दलों के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान सभी विवादास्पद सीटों पर चर्चा की गई और एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकाल लिया गया है।


हालाँकि लोक जन शक्ति पार्टी (LJP) का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में तीसरे साथी के रूप में मौजूदगी पर संदेह बरकरार है। लोजपा ने 143 सीटों पर लड़ने का इशारा किया है। वहीं भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि अगर लोजपा गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला करती है, तो पार्टी प्लान बी के साथ तैयार है और मुकेश सैनी की वीआईपी पार्टी में भूमिका कर सकती है। सैनी ने शनिवार को महागठबंधन से एक नाटकीय घटनाक्रम में वाकआउट किया था। लोजपा धमकी दे रही है कि अगर उसकी 42 सीटों की मांग पूरी नहीं हुई तो वह एनडीए से अलग हो जाएगी और जदयू के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। रोजगार के मोर्चे पर और राज्य के समग्र विकास पर सरकार के कथित विफलताओं के लिए लोजपा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रही है।

Share This Post