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स्टूडेंट्स के बेस्ट परफॉर्मिंग सब्जेक्ट के नंबरों के आधार पर 10वीं-12वीं के बचे पेपर के मार्क्स दिए जाएंगे

नई दिल्ली. सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के बचे हुए एग्जाम रद्द करने के बाद शुक्रवार को असेसमेंट स्कीम के बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके मुताबिक, स्टूडेंट्स को उनके बेस्ट परफॉर्मिंग सब्जेक्ट्स में मिले मार्क्स के आधार पर उन बचे हुए विषयों के नंबर दिए जाएंगे, जिनकी परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं।

सीबीएसई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि 10वीं और 12वीं के बचे हुए एग्जाम रद्द करने का फैसला लिया गया है। ये परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच होनी थीं। शुक्रवार को दोबारा हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि वह इस बारे में नोटिफिकेशन जारी करे और असेसमेंट स्कीम की स्थिति साफ करे। इसके बाद सीबीएसई ने असेसमेंट स्कीम का नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

10 सवाल-जवाब में समझें असेसमेंट स्कीम

1. जो स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं के सारे पेपर दे चुके थे, उनके रिजल्ट का क्या होगा? 
जो सारे पेपर दे चुके हैं, उनका रिजल्ट एग्जाम में उनके परफॉर्मेंस के आधार पर तय होगा। उनके पास इंटरनल असेसमेंट या बाद में एग्जाम देने का ऑप्शन नहीं रहेगा। 

2. जो 3 से ज्यादा सब्जेक्ट के एग्जाम दे चुके हैं, उनके साथ क्या होगा?
अगर तीन से ज्यादा पेपर दे चुके हैं, तो इनमें से ही तीन बेस्ट परफॉर्मिंग सब्जेक्ट के एवरेज मार्क्स के आधार पर उन्हें उन विषयों के नंबर दिए जाएंगे, जिनके पेपर वे नहीं दे पाए हैं। यानी बेस्ट ऑफ थ्री के आधार पर एवरेज मार्क्स तय होंगे।

उदाहरण के लिए एक स्टूडेंट ऐसा है, जो अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस, सोशल साइंस और मैथ्स का पेपर दे चुका था, लेकिन केमिस्ट्री का पेपर नहीं दे पाया था। मान लीजिए कि अंग्रेजी, मैथ्स और सोशल साइंस में उसका बेस्ट परफॉर्मेंस रहा। इन तीनों सब्जेक्ट में उसे 100 में से औसत 90 नंबर मिले। ऐसे में उसे केमिस्ट्री के बचे हुए पेपर में भी 90 नंबर मिल जाएंगे। 

3. जो सिर्फ 3 सब्जेक्ट के पेपर दे पाए हैं, उनका क्या होगा?
ऐसे स्टूडेंट्स को उनके दो बेस्ट परफॉर्मिंग सब्जेक्ट के एवरेज मार्क्स के आधार पर बचे हुए पेपर के नंबर दिए जाएंगे। यानी बेस्ट ऑफ टू।

4. अगर आप नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में रहते हैं और फरवरी में भड़की हिंसा की वजह से 12वीं के एक या दो ही पेपर दे पाए थे तो क्या होगा?
सीबीएसई के एग्जाम कंट्राेलर संजय भारद्वाज के मुताबिक, 12वीं के ऐसे बहुत कम स्टूडेंट्स हैं, जो सिर्फ एक या दो पेपर ही दे पाए थे। ऐसे स्टूडेंट्स के रिजल्ट में इंटरनल असेसमेंट, प्रैक्टिकल या प्रोजेक्ट में उनके परफॉर्मेंस को शामिल किया जाएगा। साथ ही उन एक-दो सब्जेक्ट्स के मार्क्स भी रिजल्ट में जोड़ लिए जाएंगे, जिनके पेपर वे दे चुके थे।

5. क्या 12वीं के बचे हुए पेपर बाद में होंगे?
जब माहौल ठीक होगा, तब 12वीं के बचे हुए पेपर होंगे। इसकी तारीख अभी तय नहीं है।

6. क्या सभी स्टूडेंट्स 12वीं के बचे हुए पेपर दे सकेंगे?
नहीं। जो स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं, उनके पास बाद में पेपर देने का ऑप्शन रहेगा। जो रिजल्ट से खुश हैं, उन्हें बाद में पेपर देने की जरूरत नहीं है।

7. अगर अभी इंटरनल असेसमेंट हुआ और बाद में किसी स्टूडेंट ने बचे हुए पेपर दिए तो फिर फाइनल रिजल्ट में किस असेसमेंट को गिना जाएगा?
भले ही इंटरनल असेसमेंट के आधार घोषित हुए रिजल्ट में आपके अच्छे नंबर आए हों, लेकिन अगर आप बचे हुए पेपर देने का ऑप्शन चुन रहे हैं तो फाइनल रिजल्ट उन पेपर में मिले नंबरों के आधार पर ही तय होगा। 

8. क्या 10वीं के स्टूडेंट्स के पास इम्प्रूवमेंट एग्जाम देने का ऑप्शन रहेगा?
नहीं। 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए कोई इम्प्रूवमेंट एग्जाम नहीं होगा। बोर्ड जो रिजल्ट जारी करेगा, उसे ही फाइनल माना जाएगा।

9. इंटरनल असेसमेंट के आधार रिजल्ट कब जारी होगा?
सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि 10वीं और 12वीं के नतीजों को 15 जुलाई तक जारी किया जा सकता है।

10. इस स्कीम से स्टूडेंट्स का फायदा है या नहीं?
इसे दो तरह से देखा जा सकता है। 

  • पहला– जो स्टूडेंट्स 12वीं के बाद एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे थे और जिनका दो-तीन सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्मेंस रहा, उन्हें बचे हुए सब्जेक्ट्स के भी अच्छे मार्क्स मिल जाएंगे। ऐसे स्टूडेंट्स इस स्कीम से फायदे में रहेंगे।
  • दूसरा– जिन स्टूडेंट्स को लगता है कि उनके दो-तीन सब्जेक्ट में नंबर बेहतर नहीं आए हैं और जो यह सोच रहे थे कि वे बचे हुए पेपर देकर अपना फाइनल स्कोर सुधार लेंगे, वे भी नुकसान में नहीं हैं। वे इंटरनल असेसमेंट के आधार पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। अगर वे रिजल्ट से खुश नहीं हैं तो बचे हुए पेपर की बाद में एग्जाम देकर अपना फाइनल स्कोर सुधार सकते हैं।

29 सब्जेक्ट्स के एग्जाम नहीं हो पाए थे
यह मामला 10वीं और 12वीं के कुल 29 सब्जेक्ट्स के एग्जाम से जुड़ा है। सीबीएसई 12वीं के 12 सब्जेक्ट के पेपर बचे थे। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के चलते 12वीं के 11 और 10वीं के 6 पेपर होना बाकी थे। इस तरह 10वीं और 12वीं के 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को कुल 29 सब्जेक्ट के पेपर देना थे। 1 से 15 जुलाई के बीच ये परीक्षाएं होनी थीं।

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