समस्तीपुर

कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र में नाबालिग चला रहा नाव, कभी भी हो सकता हादसा

समस्तीपुर । कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का दंश झेल रहे कमरगामा- परना ढाला गांव बीच कई नाव हादसों में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग सबक लेकर सावधानी नही बरत रहे है। जिले के कल्याणपुर में सरकारी नाव पर नाबालिग बच्चे बाढ़ पीड़ितों को चढ़ाकर आवागमन करते हैं, जो जोखिम भरा है। सरकार के निदेश के बावजूद नाव पर लाल झंडा नहीं दिखा। जबकि छोटा बच्चा नाव चलाकर बांध किनारे आता है, फिर नाव पर दो लड़कियां, दो बच्चे और एक युवक सवार होते है। इस दौरान नाबालिग बच्चा जो नाव चला रहा, वो लड़खड़ा जाता है। फिर वह संभलता है और उसके बाद नाबालिग नाविक नाव को आगे बढ़ाने के लिए नाव को खेवने की कोशिश करता है। नाव सवार एक लड़की नाव को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। जो हर तरह से खतरनाक स्टंट को ही दर्शाता है। खैर गनीमत रही कि किसी तरह नाबालिग बच्चे ने सरकारी नाव को गंतव्य तक पहुंचाया दिया। अब सवाल उठता है कि जब जिले में बाढ़ के दौरान 2 बड़े नाव हादसे हो चुके है। इसमें कई लोग अपनी जान गवां चुके है। बावजूद इस तरह की लापरवाही समझ से पड़े है। सरकार एवं प्रशासन का स्पष्ट आदेश है कि प्रशिक्षित नाविक ही नाव का परिचालन करेगा। अंचल कार्यालय की मानें तो पूरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 125 नावें चल रही है। मंगलवार को मघुरापुर की दो नाव लदौरा पंचायत में चल रही। एक नाव का परिचालन बंद होने की बात बताई गई। नाविक को आपदा प्रावधान के तहत 340 रुपये प्रतिदिन मिलना है। बड़े नाव का 400 और छोटे नाव का 250 प्रतिदिन भुगतान होने की बात अंचलाधिकारी ने बताई। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव कम चलती दिखी। वही बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि डीजल के नाम पर बाढ़ पीड़ितों से पैसे की उगाही नाविकों द्वारा की जा रही है। साथ ही 50 से 500 रुपये तक इमरजेंसी में पीड़ितों से लेने की बात बताई गई।

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