Samachar 9
बिहार मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर: आर्थिक चिंता से प्रवासियों में बढ़ रहा तनाव ,व्यक्त किया अपना दुःख

जहां वर्षों से काम कर रहे थे। अब उससे नाता तोड़ अपने घर आ गये हैं। 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। ऐसे में अब आगे किस तरह रोजी-रोटी का जुगाड़ हो पाएगा। हम पर आश्रित परिवार के सदस्यों का बुरा हाल हो जाएगा। क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी कुछ इस तरह से अपनी परेशानी बयां कर रहे हैं। पारिवारिक व आर्थिक चिंता की वजह से इन प्रवासियों में तनाव बढ़ रहा है। ऐसे मामले सदर अस्पताल की मानसिक विशेषज्ञों की टीम की ओर से हुई काउंसिलिंग में सामने आयी है।

चार प्रखंडों के क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले 400 प्रवासी में से करीब 300 में इस तरह का तनाव पाया गया है। वहीं, करीब 10-15 ऐसे भी प्रवासी हैं जो पहले मनोरोगी होकर ठीक हो चुके थे। अब उनके मन में कोरोना को लेकर काफी डर बना हुआ है। इन सभी की काउंसलिंग कर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जुड़ने को प्रेरित किया जा रहा है। सदर अस्पताल की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट एकता कुमारी बताती हैं कि मुरौल, सकरा, मुशहरी व कुढ़नी के क्वारंटाइन सेंटर में पाया गया कि प्रवासियों में आर्थिक समस्याओं के कारण तनाव है। कोरोना से भयभीत रहने के कुछ मामले आये हैं। ऐसे में उन्हें बताया जा रहा है कि निराश होने की जगह आप के पास जो भी हुनर है। उसके मुताबित स्थानीय स्तर पर रोजगार की तलाश करें। स्वरोजगार भी कर सकते हैं। खुद को मजबूत कर धैर्य के साथ काम करेंगे तब पारिवार में खुशहाली बनी रहेगी। टीम में काउंसलर अनिल कुमार जायसवाल व अशोक कुमार भी शामिल थे।

Share This Post