Education

New Education Policy 2020: डिग्री के लिए 4 साल की पढ़ाई, कक्षा 6 से ही कोडिंग सीखेंगे बच्चे

मानव संसाधन और विकास मंत्रालय (MHRD) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया. यह फैसला मोदी कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया है. इस बैठक के दौरान मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को भी मंजूरी दे दी है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बुधवार को कैबिनेट बैठक में नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे सकती है. इसका मतलब है कि पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी ताकि शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सके. इस फैसले के बाद देश में अब शिक्षा क्षेत्र में सिर्फ एक रेगुलेटर होगा. यानी एक रेगुलेटिंग बॉडी के जरिए शिक्षा व्यवस्था को संचालित किया जाएगा. शाम 4 बजे से पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित ब्रीफिंग कार्यक्रम किया गया, जिसमें में मंत्रियों के अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.

उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए होगा कॉमन एंट्रेंस एग्जाम

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम का ऑफर दिया जाएगा. यह संस्थान के लिए अनिवार्य नहीं होगा.

कक्षा 6 के बाद से ही मिलेगी वोकेशनल ट्रेनिंग

गिफ्टेड चिल्ड्रेन एवं गर्ल चाइल्ड के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. कक्षा 6 के बाद से ही वोकेशनल को जोड़ा जाएगा.

एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज होंगे मेंन कैरिकुलम का हिस्सा

नया कौशल (जैसे कोडिंग) शुरु किया जाएगा. एक्सट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज को मेन कैरिकुलम में शामिल किया जाएगा.

फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर शुरू किया जाएगा नेशनल मिशन

अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा. इसे 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा. बुनियादी शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा.

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