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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा : कश्मीरियों के मुद्दे उठाने के लिए उनके दूत बन जाएंगे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार (26 जून) को कहा कि वह कश्मीरियों के मुद्दे उठाने के लिए उनके दूत बन जाएंगे। भारत द्वारा पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों — जम्मू-कश्मीर और लद्दाख– में बांटे जाने के बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दा उठाने के असफल प्रयास करता रहा है।

वहीं, भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करना देश का आंतरिक मामला है। उसने पाकिस्तान को भी वास्तविकता स्वीकार करने और भारत-विरोधी दुष्प्रचार बंद करने की सलाह दी है।

खान ने कहा कि पांच अगस्त को इस दृढ़ निश्चय के साथ मनाया जाएगा कि ”कश्मीर के लिए भारत की मंशा को सफल नहीं होने देना है।” उन्होंने कहा कि वह कश्मीरियों के दूत बन जाएंगे और पूरी दुनिया को बताएंगे कि उन्हें (कश्मीरियों को) क्या खतरा महसूस होता है। खान ने कहा कि उन्होंने विभिन्न देशों के शासनाध्यक्षों और राष्ट्राध्यक्षों के साथ अपनी बैठकों में कश्मीर का मुद्दा उठाया है।

इमरान खान ने संसद में आतंकी ओसामा बिन लादेन को बताया शहीद
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार (25 जून) को 9/11 मास्टरमाइंड आतंकी ओसामा बिन लादेन को शहीद बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई में साथ देकर पाकिस्तान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। बजट सत्र के दौरान खान ने संसद में कहा कि इस्लामाबाद को सूचित किए बिना ही अमेरिकी बल पाकिस्तान में घुसे और बिन लादेन को मार गिराया, उसके बाद से ही सभी पाकिस्तान को गालियां दे रहे हैं।

खान ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी ऐसा अन्य देश है जिसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ दिया हो और उसके लिए उसे शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी हो। अफगानिस्तान में अमेरिका की असफलता के लिए साफ-साफ पाकिस्तान पर दोष मढ़ा गया। अमेरिकी जब एबटाबाद घुसे और उन्होंने ओसामा बिन लादेन को मार गिराया.. शहीद किया.. तो वह पूरी दुनिया में बसे पाकिस्तानियों के लिए शर्मिंदगी का पल था। उसके बाद पूरी दुनिया हमें गालियां देने लगी। हमारा सहयोगी हमारे देश में घुसा और बिना सूचना दिए किसी को मार दिया। आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई में 70 हजार पाकिस्तानी मारे गए हैं।”

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