समस्तीपुर

समस्तीपुर : फोन पर केवल पूछ रहे हाल, होम क्वारंटाइन वाले मरीज बेहाल

समस्तीपुर । अस्पताल व होटल के अलावे कोरोना संक्रमित मरीज अपने-अपने घरों में भी आइसोलेट हैं। लेकिन, ऐसे संक्रमित मरीज भगवान भरोसे हैं। स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों का न तो कोई फीडबैक ले रहा है, न ही उनका समुचित देखभाल कर रहा है। पहली व एक बार दवा देने के बाद कोई अन्य पहल या जांच नहीं की जा रही है। गनीमत यह है कि जिले में करीब 90 प्रतिशत मरीजों में एसिम्पटोमैटिक हैं। उनमें कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं है। ऐसे संक्रमित मरीज थोड़ी बहुत दवा खाने के बाद रिकवर कर जा रहे हैं। जबकि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का प्रत्येक दिन मेडिकल टीम भेजकर फीडबैक लिया जाना है। उनका पल्स व तापमान की आवश्यक रूप से जांच की जानी है। लेकिन, ऐसा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नहीं हो रहा है।

जिले में बुधवार तक 1074 संक्रमित मामले आए थे। इनमें से 655 लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई। शेष 351 लोग इलाजरत हैं। इनमें से 324 से अधिक लोग होम आइसोलेशन में हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को क्या दवा मिल रही है? स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें मदद मिल रही है? इस पर कुछ संक्रमित लोगों ने आपबीती सुनाई। शहर के ताजपुर रोड, काशीपुर, उजियारपुर के चांदचौर गांव में रहने वाले कुछ संक्रमित मरीजों ने अपनी बातें रखीं। संक्रमितों ने बताया कि उनसे दो-तीन दिनों के अंतराल के बीच फोन पर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जाती है। लेकिन किसी प्रकार की दवा उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। मरीजों ने बताया कि उन्हें कितने दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना है, इसकी जानकारी नहीं है। दूसरा टेस्ट कब लिया जाएगा यह भी नहीं बताया गया है।

बिना फीडबैक लिए ही भेजी जा रही रिपोर्ट

जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत आरबीएसके टीम के चिकित्सक से होम आइसोलेशन के मरीजों का जांच कराया जाना है। इनमें से समस्तीपुर, कल्याणपुर, ताजपुर, मोरवा, खानपुर, वारिसनगर, सरायरंजन, उजियारपुर और विभूतिपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आरबीएसके चिकित्सक से जिला स्तर पर ड्यूटी ली जा रही है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर स्वास्थ्य संस्थान से मरीजों से सिर्फ मोबाइल पर ही दो-तीन दिनों के अंतराल पर बात की जा रही है। जबकि, जिला स्तर पर प्रत्येक दिन रिपोर्ट भेजी जा रही है। ऐसे में तबियत बिगड़ने पर मरीज के परिजन ही संस्थान के प्रभारी को सूचित कर रहे है।

वर्जन

होम क्वारंटाइन मरीजों का प्रत्येक दिन फॉलोअप किया जा रहा है। इसको लेकर संबंधित संस्थान की ओर से रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। बिना फीडबैक लिए रिपोर्ट भेजे जाने के मामले की जांच कराई जाएगी।

डॉ. सतीश कुमार सिन्हा

सिविल सर्जन, समस्तीपुर।

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