पटना बिहार

पटना एम्स पूरी तरह से बन गया कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल , केवल कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज

पटना एम्स पूरी तरह से कोविड-19 डेडिकेटेड अस्पताल बन गया है। अब यहां सिर्फ कोरोना संक्रमितों का ही इलाज किया जाएगा। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड अस्पातल बनाने के एम्स प्रशासन के प्रस्ताव की अनुशंसा कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। सरकार के अपर सचिव कौशल किशोर ने इस संबंध में एम्स अधीक्षक को आदेश जारी कर दिया है। एम्स निदेशक को भी जानकारी दे दी गई है। 

इस बीच, राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों के इलाज किये जाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने शुक्रवार को तीन कोरोना डेडिकेटेड अस्पतालों एनएमसीएच, एएनएमसीएच गया व जेएलएनएमसीएच, भागलपुर को छोड़कर अन्य सभी छह सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के प्राचार्य व अधीक्षक को इस संबंध में निर्देश दिया।

उधर, अपने पत्र में अपर सचिव ने कोविड अस्पताल बनने के बाद एम्स में भर्ती अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में कमी लाने का भी अनुरोध किया है। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने दो जुलाई के अंक में एम्स पटना को कोविड अस्पताल बनाने के प्रस्ताव की खबर प्रमुखता से छापी थी। 

इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस संबंध में एम्स प्रशासन के साथ पूर्व में चर्चा हुई थी। उसके बाद एम्स प्रशासन द्वारा एम्स को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए विभाग के अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया गया है। 

100-100 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करने का निर्देश
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के प्राचार्य और अधीक्षक को निर्देश दिया कि अपने-अपने संस्थान में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अलग भवन (ब्लॉक) को चिन्हित करें। साथ ही, उनमें सौ-सौ आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करें ताकि वहां पीड़ितों का इलाज किया जा सके। कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों को सभी 9 मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जोड़ा गया है। इन मेडिकल कॉलेजों में संबंधित जिलों के कोरोना पीड़ित गंभीर मरीजों का इलाज किया जाएगा। 

इस अस्पताल में होगा इन जिलों के मरीजों का इलाज 
– पीएमसीच, पटना- पटना, सारण, सीवान व गोपालगंज 
– डीएमसीएच, दरभंगा- दरभंगा, सुपौल मधुबनी, समस्तीपुर एवं बेगूसराय 
– एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर- सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर व शिवहर 
– वद्र्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल, पावापुरी, नालंदा- नालंदा, नवादा और शेखपुरा 
– जीएमसीएच, बेतिया- पूर्वी व पश्चिमी चंपारण 
– जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मधेपुरा – सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार व किशनगंज  

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