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कोरोना से जंग हुई तेज पीएम मोदी ने किया तीन लैब का उद्धाटन, पढ़ें क्या है लैब की खासियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना के तीन बड़े लैब का उद्धाटन किया. .आज जिन कोरोना की हाइटेक टेस्टिंग लैब का उद्घाटन हुआ है उससे यूपी, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल को काफी फायदा होगा. इन लैब से 10000 टेस्ट की क्षमता बढ़ने जा रही हैः इल लैब की तकनीक आधुनिक है. भारत ने 10 लाख कोरोना टेस्ट का लक्ष्य रखा है. उम्मीद है कि इस लैब से भारत को अपना लक्ष्य साधने में आसानी होगी.

लैब में कोबास 8800 लगी है. यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक . इस मीशन की कीमत सात करोड़ रुपये है जो रोजाना तीन रजार सैंपल की जांच कर सकती है. सबसे खास बात यह है कि इस मशीन का इस्तेमाल कोरोना संक्रमण के बाद भी किया जा सकता है. कोरोना के बाद इस मशीन की मदद से हेपटाइटिस-बी और सी, एचआईवी, माईकोबैकटेरियम, टीबी और डेंगू जैसी बीमारियों की जांच की जा सकेगी.

तीनों लैब को मिलकर हर दिन 10,000 सैंपल की आसानी से जांच की जा सकेगी. दुनियाभर में कई देश कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए टेस्ट बढ़ा रहे हैं भारत भी अब उन देशों में शामिल हो जायेगा जहां जांच की संख्या बढ़ेगी. इस लैब की मदद से कर्मचारियों को संक्रमण का खतरा भी कम होगा. इसमें आधुनिक लैब- टेस्टिंग फैसिलिटी के जरिये जांच में कम समय लगेगा और लैब में काम कर रहे कर्मचारियों को भी संक्रमण का खतरा कम होगो क्योंकि वह संक्रमण फैलाने वाले वायरस के संपर्क में कम आयेंगे.

इस मशीन की मदद से कोरोना का पता जल्दी लगाया जा सकेगा और सही समय पर संक्रमितों का इलाज संभव होगा. सही समय पर इलाज से जल्दी स्वस्थ होने की संभावना भी बढ़ेगी. इस मशीन की सबसे खास बात है कि कोरोना संक्रमण के बाद भी इसका इस्तेमाल कई बीमारियों की जांच के लिए किया जा सकेगा जिसमें हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस, क्लैमाइडिया, निसेरिया और डेंगू, जैसी बीमारी शामिल है.

भारत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कोरोना संक्रमण के मामले 14 लाख के आंकड़े को पार कर चुके हैं. भारत में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 49,931 मामले सामने आने के बाद देश में कुल मामले बढ़कर सोमवार को 14,35,453 हो गए इनमें से 9,17,567 लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं. इस मशीन की मदद से कोरोना से लड़ाई और आसान हो जायेगी.

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