Raghuvansh Prasad sing
बिहार

नहीं रहे रघुवंश प्रसाद; पीएम मोदी बोले- उनकी आखिरी चिट्ठी की भावना को पूरा करेंगे

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का दिल्‍ली एम्स में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। आइसीयू से ही तीन दिन पहले उन्‍होंने राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से इस्‍तीफा देने काे अपना पत्र जारी किया था। आज देर शाम तक उनका शव बिहार ले जाया जाएगा और कल अंतिम संस्कार होगा। पीएम मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजडी चीफ लालू प्रसाद यादव सहित कई बड़े नेताओं ने रघुवंश प्रसाद के निधन पर शोक जताया। 

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– पूर्व मंत्री सरयू राय ने भी शोक जताया है। कहा है कि बिहार के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह जी के निधन का दुखद सूचना प्राप्त हुआ। मेरी ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रंद्धाजलि एवं प्रभु दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करे। ॐ शान्ति।

– झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रघुवंश जी एक सरल हृदय जननेता थे। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को दुःख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति दें।

– रघुवंश प्रसाद सिंह का अंतिम संस्कार कार्यक्रम उनके पैतृक आवास महनार प्रखंड के गोरीगामा पंचायत अंतर्गत पानापुर पहेमी गांव से संपन्न होगा। परिजनों ने दी जानकारी।

– गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार के वरिष्ठ राजनेता रघुवंश बाबू के निधन की सूचना से अत्यंत दुःख हुआ। 

– बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रख्यात समाजवादी नेता डॉ० रघुवंश प्रसाद सिंह जी का निधन दुःखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें तथा उनके परिजनों और प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति दें। 

– केंद्रीय मंत्री और बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय ने ट्वीट कर लिखा है कि वरिष्ठ राजनेता रघुवंश बाबू के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। रघुवंश बाबू का पूरा जीवन सादगी व सरलता के साथ जनता के बीच गुजरा है। उनके निधन से बिहार के राजनीतिक पटल पर एक शून्य पैदा हुआ है। दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ। श्रद्धांजलि।

– बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी का ट्वीट: रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन बिहार के सार्वजनिक जीवन को बड़ी क्षति है। उन्होंने सिद्धांत की राजनीति की, राजनीति के लिए सिद्धांत नहीं छोड़ा। वे परिवारवाद, भ्रष्टाचार और मूल्यहीनता के विरुद्ध अपनों से लड़े और जीवन की आखिरी सांस तक योद्धा रहे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।

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Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer