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बिहार विधानसभा चुनाव 2020

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सभी जिलों की पुलिस को मिला अपराधियों पर लगाम लगाने का टास्क

बिहार विधासभा चुनाव को देखते हुए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अपराध नियंत्रित करने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लंबित अजमानतीय वारंट और कुर्की के निष्पादन की कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को वारंट के निष्पादन का टास्क सौंपा है। 

फरारियों पर फोकस 
चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव पूर्व अभियान चलाए जाते हैं। इसके तहत अपराधियों की धर-पकड़ से लेकर असलहों की बरामदगी पर फोकस होता है। साथ ही लंबित वारंट का तामिला के जरिए फरारियों पर शिकंजा कसने की मुहिम चलाई जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने लंबित वारंट का तामिला सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। ज्यादा से ज्यादा अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। 

थाना स्तर पर होता है निष्पादन
लंबित वारंट का निष्पादन संबंधित थाना को करना होता है, जहां वारंट भेजा गया है। लिहाजा सभी थानों को उनके यहां के लंबित पड़े वारंट का निष्पादन करने का टास्क दिया गया है। इसमें अजमानतीय वारंट के साथ ही कुर्की जब्ती हेतु लंबित वारंट का तामिला शामिल है।  

40 हजार वारंट लंबित हैं
चुनाव में मुख्य रूप से अजमानतीय वारंट के निष्पादन पर फोकस होता है। इन्हें दो कैटेगरी में बांटा जाता है। इसमें 6 माह से अधिक और इससे कम अवधि वाले लंबित वारंट शामिल होते हैं। बिहार में ऐसे लंबित वारंट की संख्या करीब 40 हजार है। 

चुनाव सेल का किया गया है गठन
आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बिहार पुलिस में पहले ही चुनाव सेल का गठन कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के अलावा सभी जिला पुलिस के अधीन अफसरों और जवानों की टीम बनाई गई है। पुलिस से संबंधित आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी इन्हीं चुनाव सेल को दी जाती है। इसके अलावा चुनाव नजदीक आने पर पुलिस फोर्स के मूवमेंट, उनके ठहरने की व्यवस्था आदि का इंतजाम भी इनके जिम्मे होता है।  

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