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कोरोना से बहुत घातक है प्रदूषण, सालभर में 16.70 लाख लोगों की ले ली जान

देश इस समय कोरोना वायरस को काबू करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है, जिसने सालभर में करीब डेढ़ लाख लोगों की जिंदगी छीन ली है। हालांकि, देश में कोरोना से कहीं ज्यादा घातक प्रदूषण की समस्या है, जिससे 2019 में करीब 17 लाख लोगों की की मौत हो गई। यह देशभर में होने वाली कुल मौतों में 18 फीसदी के लिए जिम्मेदार है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

भारत के कई शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। आर्थिक गतिविधियों में इजाफे के बीच खराब वायु गुणवत्ता देश के लिए एक बड़ा संकट है, जिसकी वजह से 2017 में 12.40 लाख लोग मारे गए थे और यह कुल मौतों का 12.5 पर्सेंट हिस्सा था। 

डेटा विश्लेषण में पता चला कि प्रदूषण की वजह से लंबे समय तक फेफड़ों में रुकावट, श्वासप्रणाली में संक्रमण, लंग कैंसर, दिल से जुड़ी बीमारी, स्ट्रोक, डायबिटीज, नवजात विकार और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। साइंस जर्नल में कहा गया है कि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है, जहां सर्दियों में आसमान हानिकारक वायु से घिरा होता है। प्रदूषण की वजह से प्रति व्यक्ति के हिसाब से सबसे आर्थिक नुकसान भी दिल्ली को ही होता है। 

2019 में प्रदूषण की वजह से हुई मौतों की वजह से अर्थव्यवस्था को 36.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। यह भारत की कुल जीडीपी के 1.36 फीसदी हिस्से के बराबर है। जीडीपी पर्सेंटेज के हिसाब से यूपी और बिहार जैसे गरीब राज्यों को सबसे अधिक आर्थिक नुकसान हो रहा है। 

हालांकि, घरेलू वायु प्रदूषण की वजह से मृत्यु दर में 1990 से 2019 के बीच 64.2 पर्सेंट की गिरावट आई है, लेकिन व्यापक पर्टिकुलेट मैटर की वजह से प्रदूषण दोगुना हो चुका है। मेडिकल जर्नल में कोरोना संक्रमण लॉकडाउन के असर को लेकर कहा गया है, ”कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान देशभर में वायुगुणवत्ता में सुधार आया था, लेकिन प्रतिबंधों में ढील के सात ही प्रदूषण में इजाफा होता गया। इससे पता चलता है कि मानवीय गतिविधियों में कमी के जरिए वायु गुणवत्ता को किस हद तक सुधारा जा सकता है।” 

सरकार ने एक बयान में कहा है कि भारत को 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी तक पहुंचने के लिए प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रमों में और निवेश करना होगा। मंगलवार को स्विस एयर क्वालिटी टेक्नॉलजी कंपनी की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के तीन बड़े शहर नई दिल्ली, कोलकाता और मुंबई दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।  

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