बिहार

बिहार में कोरोना के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों की लूट होगी बंद, नीतीश सरकार ने तय किये इलाज के रेट

बिहार में कोरोना संक्रमितों के निजी अस्पतालों में इलाज के लिए अधिकतम शुल्क निर्धारित कर दिया गया। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव डॉ. कौशल किशोर ने सभी जिलों के जिलाधिकारी को निर्देश जारी कर निर्धारित शुल्क के निर्धारण का पालन कराने का निर्देश दिया। 

निजी अस्पतालों को दो श्रेणियों में बांटा गया : राज्य के जिलों को तीन ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में सिर्फ पटना को रखा गया है। बी श्रेणी में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और पूर्णिया जिले को शामिल किया गया है। वहीं, सी श्रेणी में शेष अन्य जिलों को रखा गया है। वहीं, निजी अस्पतालों को दो श्रेणी में बांटा गया है। पहले श्रेणी में नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों व दूसरे श्रेणी में  गैर मान्यता प्राप्त अस्पतालों  को रखा गया है।

बी श्रेणी के शहरों के आइसोलेशन वार्ड में अधिकतम 8000 लगेंगे 
राज्य के बी श्रेणी में शामिल पांच जिलों -भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और पूर्णिया के मान्यता प्राप्त अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड के कोरोना मरीजों के लिए अधिकतम प्रतिदिन 8000, आईसीयू के मरीजों के लिए 12,000 और आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ भर्ती के लिए 14,400 रुपये अधिकतम प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। जबकि गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड के लिए 6,400 रुपये, आईसीयू के लिए 10,400 और आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ के लिए 12,000 रुपये अधिकतम प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। 

सी श्रेणी के सभी शहरों में प्रतिदिन अधिकतम 9000 हजार देने होंगे 
वहीं, सी श्रेणी में शामिल शेष सभी जिलों के मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड के लिए अधिकतम प्रतिदिन 6000 रुपये, आईसीयू के लिए 9000 रुपये, आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ के लिए 10,800 रुपये तय किये गये हंै। इन जिलों के गैर मान्यता प्राप्त अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड के लिए 4,800 रुपये, आईसीयू के लिए 7800 रुपये और आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ इलाज के लिए 9000 रुपये प्रतिदिन अधिकतम शुल्क का निर्धारण किया गया है। 

पटना में आईसीयू वेंटिलेटर के लिए देने होंगे 18 हजार
पटना जिले में मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के लिए प्रतिदिन अधिकतम 10 हजार रुपये, आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए 15,000 और आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ भर्ती मरीजों के लिए अधिकतम प्रतिदिन 18 हजार रुपये की सीमा निर्धारित की गई है। वहीं, पटना जिला स्थित गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को अधिकतम 8000 रुपये प्रतिदिन का भुगतान निर्धारित किया गया है। आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए 13,000 और आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ भर्ती मरीजों के लिए 15,000 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। विभाग द्वारा तय की राशि में पीपीई किट के मूल्य भी शामिल हैं।

Share This Post