बेगूसराय

बेगूसराय में दुर्गा पूजा में नहीं बनेंगे पंडाल और तोरण द्वार, जिला प्रशासन का सख्त निर्देश

आगामी दुर्गा पूजा को लेकर सरकारी निर्देशानुसार शनिवार को जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दिया है. डीएम अरविन्द कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस बार कोविड-19 को लेकर जिले में कहीं भी मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा. लाउडस्पीकर समेत सभी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गयी है.

उन्होंने बताया कि पंडाल का निर्माण किसी विशेष थीम पर नहीं किया जा सकता है, तोरण द्वार भी नहीं बनाए जाएंगे. प्रतिमा को छोड़कर आसपास का शेष भाग खुला रहेगा. मंदिर के आसपास किसी प्रकार के स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे. सामूहिक प्रसाद का वितरण पर भी रोक लगा दी गई है. किसी भी प्रकार का सामूहिक भोज, अतिथियों को आमंत्रित या उद्घाटन समारोह नहीं किया जा सकता है.

डीएम ने बताया कि दुर्गा पूजा में जुलूस की अनुमति किसी भी दुर्गा पूजा समिति के लोगों को नहीं दी जाएगी. रावण का दहन भी सार्वजनिक स्थल पर नहीं किया जाएगा। रामलीला, नाच-गान, डांडिया नृत्य पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. हर हाल में 25 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन जिला प्रशासन के द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही प्रतिमा का विसर्जन बिना जुलूस के करवाया जाएगा.



दुर्गा पूजा समितियों के सभी लोगों की यह जिम्मेदारी होगी कि अपने अपने पूजा मंदिर के भीतर में बिल्कुल भीड़ नहीं लगने देगें. माता भगवती का खोईंछा भरने में भी भीड़ नहीं लगाई जाएगी. पूजा समिति के लोगों के साथ शनिवार को एक बैठक करके सरकार द्वारा दिए गए सभी गाइड लाइन की जानकारी पूजा समिति के लोगों को दे दी जाएगी. पूजा करने के लिए आने वाले लोगों के लिए समिति को सैनिटाइजर की व्यवस्था करने के साथ-साथ कोरोना प्रोटोकॉल का हर हाल में पालन करना होगा.

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