बिहार

राजगीर जू-सफारी खुलने को तैयार, गुजरात से लाये गये दो शेर व चार शेरनी

वन्यजीवों की तीसरी खेप सोमवार को गुजरात से राजगीर भेजी गयी। वहां से दो शेर तो चार शेरनी लायी गयी हैं। अब जू-सफारी खुलने को पूरी तरह तैयार है। बस, इंतजार है सीएम नीतीश कुमार को उद्घाटन की तिथि तय करने की। 26 अगस्त को सीएम नीतीश कुमार ने जू-सफारी का जायजा लिया था। इसके पहले दूसरी खेप में पटना से एक जोड़ा भालू तो एक जोड़ा चीता लाये गये थे। पहली खेप में लाये गये एक शेर, दो बाघ व आठ बार्किंग हिरण (काकड़) को खुले में छोड़कर यह देख लिया गया है कि वे यहां की आबोहवा में रच-बस गये हैं। पहले लाये गये सभी वन्यजीव पूरी तरह स्वस्थ हैं।

यहां 22 सौ तक शाकाहारी पशुओं के अलावा शेर, बाघ, भालू, चीता की संख्या 8-8 की जानी है। लेकिन, भविष्य में 18 सौ भालू, 1,750 तेंदुए, 1,795 बाघ व 1,950 शेरों के रखने की व्यवस्था की सोच बनाकर निर्माण कार्य किया गया है। 10 हजार से अधिक प्रताजियों की तितलियां रखने की भी योजना है। 

जू अथॉरिटी ने माना बेहतर

177 करोड़ से 191 हेक्टेयर में जू सफारी बनायी गयी है। सफारी की तमाम संरचनाओं को सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बेहतर माना है। पशुओं के रखरखाव से लेकर उनके प्रजनन की बेहतर व्यवस्था की जांच के बाद ही जानवरों के लाने की अनुमति दी गयी है। यहां शेर, बाघ, चीता, भालू, हिरण व अन्य जानवर खुले में विचरण करते नजर आएंगे। जबकि, सैलानी बख्तरबंद गाड़ियों में होंगे। सफारी की सबसे बड़ी खासियत यह कि इसका विहंगम दृश्य राज्य पक्षी गौरैया जैसा है। 

देश की सबसे खूबसूरत सफारी

यह देश की सबसे खूबसूरत, सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करने वाली यूनिक सफारी है। यहां स्काई जोन भी बनाया जा रहा है। वहां खड़ा होकर पूरी सफारी के विहंगम दृश्य को देखकर सैलानी रोमांचित होंगे। यहां बनने वाला तितली घर देश का पहला है। 

राजगीर जू-सफारी की मुख्य विशेषताएं

1. बिहारी इतिहास के अनुरूप पारिस्थितिकी प्रणाली को पुनर्जीवित करना इसका थीम है। 
2. 1.69 हेक्टेयर में पार्किंग स्थल है। 
3. यहां 1,111 वाहन लगाने की जगह के अलावा प्रवेश द्वार, शौचालय, पेयजल, टिकट काउंटर है। 
4. 3.31 हेक्टेयर में हिरण थीम आधारित रिसेप्शन काउंटर बना है। 
5. कैम्पस में गार्डेन, म्यूजियम, कैफेटेरिया, रिसेप्शन, औषधालय, कियोस्क की स्थापना की गयी है।
6. प्रशासनिक ब्लॉक में मंडल वन पदाधिकारी, सफारी निदेशक, वन उपमंडल पदाधिकारी व रेंज पदाधिकारी के कार्यालय बनाये जाने हैं। 
7. प्रबंधन ब्लॉक में पशु चिकित्सा अस्पताल, शाकाहारी रसोई, मांसभक्षी रसोई, शव परीक्षा कक्ष व श्मशान भी हैं।
8. 36 कर्मियों के रहने के आवास।
9. इसकी लागत 89 करोड़ अनुमानित थी, जिसे बढ़कर 177 करोड़ की गयी।
10. निदेशक व उप निदेशक के अलावा कर्मचारियों के लिए 15 इलेक्ट्रिक बाइक की खरीद की जाएगी।
11. सैलानियों के लिए विशेष सुविधाओं से लैस वातानुकूलित बस की खरीदारी की जानी है। 

तीसरी खेप में लाये गये वन्यजीवों में से एक शेर और एक शेरनी पटना लायी जाएगी। जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने राजगीर जू-सफारी की संरचनाओं को वन्यजीवों के लिए बेहतर माना है। अब यह खुलने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

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