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राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड: जानिए विजेता चुने जाने का पूरा प्रक्रिया और इस साल के प्रबल दावेदार

हर साल की तरह इस साल भी 29 अगस्त यानि की भारतीय खेल दिवस के मौके पर देश के खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए अवॉर्ड दिए जाएंगे. भारत में दिए जाने वाले खेल अवॉर्ड में सबसे बड़ा अवॉर्ड राजीव गांधी खेल रत्न (Rajeev Gandhi Khel Ratn Award) को माना जाता है. यह अवॉर्ड हर साल लगातार चार सालों से शानदार प्रदर्शन करते आ रहे खिलाड़ियों को दिया जाता है. इस अवॉर्ड को जीतने वाले खिलाड़ी को मेडल, सर्टिफिकेट के अलावा 7.5 लाख रुपए भी दिए जाते हैं. इस साल लगभग सभी खेल फेडरेशन मंत्रालय को अपने नॉमिनेशन भेज चुके हैं. अब सेलेक्शन पैनल इन खिलाड़ियों में से विजेता के नाम तय करेगा.

खिताब के लिए कैसे चुने जाते हैं खिलाड़ी
नियमों के मुताबिक ओलिंपिक और पैरालिंपिक में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी सीधे इस खिताब के लिए चुन लिए जाते हैं. वहीं नए नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों को जो अंक दिए जाते हैं उसमें 90 प्रतिशत अंक उनके प्रदर्शन और 10 प्रतिशत अंक उनके व्यवहार (खेल भावना और अनुशासन) पर दिए जाते हैं. बीते चार सालों में एक बार होने वाले वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championship) या वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता है तो उसे 40 अंक मिलते हैं, सिल्वर के लिए 30 और ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक मिलते हैं. एशियन गेम्स (Asian Games) में गोल्ड के लिए 30, सिल्वर के लिए 25 और ब्रॉन्ज के लिए 20 अंक दिए जाते हैं.

वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स औऱ हर साल या दो साल में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड के लिए 25, सिल्वर के लिए 20 और ब्रॉन्ज के लिए 15 अंक दिए जाते हैं. वहीं कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप या एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड के लिए 15, सिल्वर के लिए 10 और ब्रॉन्ज के लिए सात अंक दिए जाते हैं. इसके अलावा किसी और टूर्नामेंट में उपलब्धी पर अंको का फैसला पैनल करता है. वहीं क्रिकेट जैसे नॉन ओलिंपिक खेलों के नामित खिलाड़ियों पर भी वही फैसला करते हैं.

इस बार के दावेदार:

रोहित शर्मा – साल 2018 में भारतीय कप्तान विराट कोहली के बाद बीसीसीआई ने इस साल टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा का नाम खेल रत्न के लिए भेजा है. बीते चार सालों में रोहित ने नियमित तौर पर टीम के सलामी बल्लेबाज के तौर पर शानदार प्रदर्शन किया है. पिछले साल हुए वर्ल्ड कप में उन्होंने पांच शतक जड़े थे वहीं टेस्ट फॉर्मेट भी वापसी के साथ ही एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाए थे. वह मौजूदा समय में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं.

विनेश फोगाट – कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को राजीव गांधी खेल रत्न के लिए लगातार दूसरे साल नॉमिनेट किया गया है. 25 साल की विनेश ने पिछले साल वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और साथ ही देश के लिए रेसलिंग में पहला कोटा हासिल करने वाली महिला खिलाड़ी बनी थी. पिछले साल बजरंग पूनिया को यह अवॉर्ड दिया गया था.

मनिका बत्रा– 24 साल की मनिका बत्रा (Manika Batra) साल 2018 में भारत की टेबिल टेनिस स्टार बनकर सामने आई थी. उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के सिंगल्स वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था. वो ऐसा करने वाली देश की पहली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बनी थीं. वहीं वह उन कॉमवेल्थ गेम्स में चार गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी थीं. मनिका भी उन खिलाड़ियों में शामिल है जिनका नाम दूसरी बार भेजा गया है. मनिका इस वक्त विश्व की 63वें नंबर की खिलाड़ी हें.

रानी रामपाल- भारतीय महिला हॉकी टीम ने रानी रामपाल (Rani Rampal) की कप्तानी में पिछले साल टोक्यो ओलिंपिक का टिकट हासिल किया था. पिछले साल भी उन्हें खेल रत्न के लिए नॉमिनेट किया गया था. रानी रामपाल की कप्तानी में भारत ने रानी की कप्तानी में 2017 में महिला एशिया कप जीता था. 2018 में एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल भी टीम इंडिया ने अपने नाम किया था. FIH ओलिंपिक क्वालीफायर 2019 में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.

नीरज चोपड़ा – भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन ने इस साल नीरज चोपड़ा को खेल रत्न अवॉर्ड के लिए नामित किया है. नीरज स्थगित हुए टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. इससे पहले वह एक साल तक चोट के कारण बाहर रहे थे. उन्हें 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसी साल अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था.

अंजुम मोद्गिल – भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने दिग्गज राइफल निशानेबाज अंजुम मोद्गिल को देश को सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न नामित किया है. छब्बीस साल की अंजुम ने 2008 में निशानेबाजी शुरू की और वह टोक्यो ओलिंपिक के लिए निशानेबाजी में कोटा हासिल करने वाली पहली दो भारतीय निशानेबाजों में शामिल थी. चंडीगढ़ की इस निशानेबाज ने कोरिया में आईएसएसएफ विश्व कप में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक के साथ ओलिंपिक कोटा हासिल किया.

अमित पंघाल – बीएफआई ने इस वार्षिक पुरस्कार के लिए सिर्फ ओलिंपिक के लिए क्वॉलीफाई करने वाले मुक्केबाजों को नामित किया है. एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट पंघाल (52 किग्रा) ने अब तक कोई भी राष्ट्रीय खेल पुरस्कार नहीं जीता है. उन्हें पिछले तीन सालों से अर्जुन पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया जा रहा है, लेकिन 2012 की अनजाने में डोपिंग करने के मामले में दोषी पाए जाने के कारण चयन समिति द्वारा उनके नाम पर विचार नहीं किया गया. अमित पंघाल ने पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था.

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