समस्तीपुर

समस्तीपुर : कोविड टीका के लिए 50 साल से कम उम्र के खुद कराएंगे रजिस्ट्रेशन

समस्तीपुर : पहले फेज में स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस कर्मी के साथ-साथ बुजुर्गों को कोरोना टीका लगाने के बाद दूसरे चरण का टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल विकसित करने का जिम्मा राज्य के सिस्टम एनालिस्ट सह डाटा पदाधिकारी को दिया है। जिले के लोग इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएंगे, इसके बाद ही उन्हें कोरोना का टीका लगेगा। स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक ने कोविड टीकाकरण अभियान की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत 50 साल से कम उम्र के उन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका दिया जाएगा जो अन्य किसी बीमारी से पीड़ित है। विभाग ऐसे लोगों को मॉबिर्टी का नाम दिया है। ये वे लोग है जो डायबिटीज सहित अन्य बीमारी से ग्रसित हैं और कोरोना संक्रमण का खतरा उन्हें अधिक है। कार्यपालक निदेशक ने राज्य के सिस्टम एनालिस्ट को कहा है कि ऐसे लोगों के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाए। पोर्टल के लिक पर दूसरे किसी बीमारी से ग्रसित लोग खुद से रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद कोरोना टीका की प्रतीक्षा सूची में उनका नाम शामिल हो जाएगा। इसके लिए विभाग तैयारी में जुट गया है। कोल्ड चेन अस्पतालों में 24 घंटे रहेगी बिजली

स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक और प्रधान सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से कोरोना वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन तैयार करने को कहा है। सीएस को हर हाल में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वैक्सीन रखने वाले अस्पतालों में विद्युत कनेक्शन होना चाहिए जिसका फीडर अलग हो। सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां वैक्सीन को रखा जाएगा, वहां 24 घंटे बिजली की व्यवस्था का निर्देश दिया गया है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि सीएस की मॉनीटरिग में वैक्सीन स्टॉक करने वाले जगहों पर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। तीन कमरों वाले स्कूलों के चयन का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और कार्यपालक निदेशक ने सीएस के साथ वर्चुअल बैठक की थी। कोविड टीकाकरण के लिए तीन कमरों वाले स्कूलों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन स्कूलों का चयन किया जाएगा। जहां मतदान केंद्र बनाए जाते है। स्कूलों में टीकाकरण के लिए सत्र निर्धारित किया जाएगा। एक सत्र में सौ लोगों को कोविड का टीका लगेगा। बताया गया है कि कोरोना का टीका दिए जाने के बाद लोगों को एक सुरक्षित कमरे में आधा घंटा तक रोका जाएगा। विशेषज्ञ उनकी मॉनीटरिग करेंगे कि वैक्सीन के कारण कोई दूसरा लक्षण तो नहीं आया। पूरी तरह से आश्वस्त होने पर ही टीका लगाने वाले व्यक्ति को जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए स्कूलों का चयन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

Share This Post