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हवाई यात्रियों के लिए राहत, घरेलू उड़ानों की संख्या में सरकार ने किया इजाफा

केंद्र सरकार ने कोरोना काल में हवाई यात्रियों के लिए राहत प्रदान की है। नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय विमानन कंपनियों के लिए घरेलू उड़ान संचालन संख्या को कोविड से पहले के स्तर के मुकाबले 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया गया है। मंत्री ने 11 नवंबर को कहा था कि विमानन कंपनियां कोविड से पहले के स्तर के मुकाबले 70 प्रतिशत घरेलू यात्री उड़ानों का संचालन कर सकती हैं।

हरदीप पुरी ने गुरुवार को ट्वीट किया, ”घरेलू परिचालन 25 मई को 30,000 यात्रियों के साथ शुरू हुआ और अब 30 नवंबर 2020 को इसने 2.52 लाख का आंकड़ा छू लिया है।” उन्होंने कहा, ”नागर विमानन मंत्रालय अब घरेलू परिचालकों के लिए कोविड से पहले के मुकाबले संचालन की स्वीकृत क्षमता को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करने की अनुमति दे रहा है।”

मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के चलते दो महीने बाद 25 मई से अनुसूचित घरेलू यात्री सेवाओं को फिर से शुरू किया था। हालांकि, उस समय विमानन कंपनियों को अपनी कोविड-पूर्व ​​घरेलू उड़ानों की संख्या के 33 प्रतिशत से अधिक का संचालन करने की अनुमति नहीं थी और फिर इसे क्रमिक रूप से बढ़ाया गया।

31 दिसंबर तक जारी है अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बैन

भारत से दूसरे देशों में आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 31 दिसंबर तक प्रतिबंध जारी है। हालांकि, वंदे भारत मिशन के तहत उड़ान भरने वाले विमानों पर कोई पाबंदी नहीं है। इससे पहले सरकार ने 30 नवंबर तक इंटरनेशल फ्लाइट्स पर बैन लगाया था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया गया है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के एक सर्कुलर के मुताबिक, महामारी के मद्देनजर 31 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है और विमान केवल चुनिंदा मार्गों पर ही केस-टू-केस आधार पर उड़ान भरेंगे।

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