समस्तीपुर

नशामुक्ति को लेकर समस्तीपुर के पुलिस बलों को दिलाया संकल्प

समस्तीपुर। नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देता है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति परिवार के साथ समाज पर बोझ बन जाता है। युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा नशे की लत से पीड़ित है। सरकार इन पीड़ितों को नशे के चंगुल से मुक्त कराने के लिए नशा मुक्ति अभियान चला रही है। शराब और गुटखा पर रोक लगा चुकी है। नशे के रूप में लोग शराब, गांजा, जर्दा, ब्राउन शुगर, कोकीन, स्मैक आदि मादक पदार्थों का प्रयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के साथ सामाजिक और आर्थिक दोनों लिहाज से ठीक नहीं है। उक्त बातें शुक्रवार को विश्व नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर हसलपुर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने कहीं। वहीं हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि नशे का आदि व्यक्ति समाज की दृष्टि से हेय हो जाता है और उसकी सामाजिक क्रियाशीलता शून्य हो जाती है, फिर भी वह व्यसन को नहीं छोड़ता है। धूम्रपान से फेफड़े में कैंसर होता हैं, वहीं कोकीन, चरस, अफीम लोगों में उत्तेजना बढ़ाने का काम करती हैं, जिससे समाज में अपराध और गैरकानूनी हरकतों को बढ़ावा मिलता है। इन नशीली वस्तुओं के उपयोग से व्यक्ति पागल और सुप्तावस्था में चला जाता है। तम्बाकू के सेवन से तपेदिक, निमोनिया और सांस की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसके सेवन से जन और धन दोनों की हानि होती है। मौके पर अवर निरीक्षक संजय सिंह,अजित कुमार, इंद्रजीत पांडेय, भरत पासवान, जीतो यादव, विजय कुमार सिंह आदि पुलिसकर्मियों ने समाज से नशा मुक्त करने का संकल्प लिया।

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