Rhea Chakrvarti
मनोरंजन

Rhea Chakraborty ने सुशांत की बहन प्रियंका सिंह के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस को दी शिकायत, जानें- क्या है आरोप

सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई, ईडी और एनसीबी द्वारा की जा रही है। सुशांत के पिता केके सिंह की एफआईआर के आधार पर मुख्यारोपी रिया चक्रवर्ती हैं, जिनसे सभी एजेंसियां अलग-अलग मामलों में पूछताछ कर रही हैं। सोमवार को रिया ने सुशांत की बहन प्रियंका सिंह और एक डॉक्टर के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज़ करवाई, जिसमें उन्होंने दोनों पर सुशांत को प्रतिबंधित दवाएं दिलवाने का आरोप लगाया है। 

रिया चक्रवर्ती की ओर से दाख़िल शिकायत में कहा गया कि सुशांत की बहन प्रियंका सिंह, डॉक्टर तरुण कुमार (आरएमएल हॉस्पिटल, दिल्ली) व अन्य के ख़िलाफ़ आईपीसी, नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज़ एक्ट एंड टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइडलाइंस के तहत रिपोर्ट दर्ज़ की जाए। एएनआई ने इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी है।

शिकायत में आगे कहा गया है- प्रियंका ने सुशांत को जो प्रेस्क्रिप्शन भेजा था, उसमें डॉ. तरुण कुमार ने सुशांत से कंसल्ट किये बिना, जो कि कानूनी रूप से ज़रूरी है, ऐसी दवाएं लिख दी थीं, जो नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज़ एक्ट, 1985 के तहत नियंत्रित होती हैं। डॉ. तरुण कुमार द्वारा लिखी गयीं दवाएं टेलीमेडिसिन प्रैक्टिस गाइडलाइंस 2020 के तहत इलेक्ट्रोनिक माध्यम से भी प्रस्तावित करने के लिए प्रतिबंधित हैं। 

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद रिया से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पूछताछ जारी है। सोमवार को भी एनसीबी ने रिया को पूछताछ के लिए बुलाया। ड्रग्स मामले में रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती को एनसीबी गिरफ़्तार कर चुकी है। वहीं, कुछ ड्रग पैडलर भी पकड़े गये हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की डेड बॉडी 14 जून को उनके आवास पर मिली थी। शुरुआत में इसे सुसाइड माना गया। हालांकि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच पेशेवर एंगल से भी की, क्योंकि कुछ ऐसे बयान सामने आये थे कि सुशांत से लगातार फ़िल्में छीनी जा रही थीं। जुलाई के अंत में सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में रिया चक्रवर्ती, उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, भाई शौविक चक्रवर्ती, मां संध्या चक्रवर्ती, पूर्व बिज़नेस मैनेजर श्रुति मोदी और हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज़ करवायी थी। 

बिहार सरकार ने केस सीबीआई के हवाले करने की संस्तुति केंद्र सरकार से की, जिसके बाद इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी कर रही है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग और एनसीबी ड्रग्स एब्यूज़ की जांच कर रहा है।

Share This Post