Russian Corona vaccine
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Coronavirus Vaccine News: अगले महीने दुनिया को फिर चौंका सकता है रूस, दूसरा टीका लाने की तैयारी

Coronavirus Vaccine News, दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन तैयार करने के बाद अब रूस अगले महीने दुनिया को फिर से चौंकाने की तैयारी में है। रूस में दूसरी कोरोना वैक्सीन को लेकर अगले महीने यानि सितंबर तक बड़ी खबर आ सकती है। एक जानकारी के मुताबिक, रूस अपनी दूसरी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अगले महीने तक पूरा कर लेगा। यह वैक्सीन रूस के वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी(Vector State Research Center of Virology and Biotechnology) द्वारा विकसित की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कोरोना वैक्सीन मनुष्यों में शुरुआती परीक्षणों में काफी सुरक्षित बताई जा रही है। यह वैक्सीन, रूस की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी(Sputnik V) से अलग है जिसे पहले ही देश ने मान्यता देकर उसे रजिस्टर करा दिया है। शुक्रवार को उपभोक्ता अधिकार संरक्षण और मानव कल्याण पर निगरानी के लिए रूस की संघीय सेवा ने कहा कि दूसरी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने वाले वालंटियर्स में फिलहाल कोई भी दुष्प्रभाव दिखाई नहीं दिया है।

सितंबर तक पूरा हो जाएगा ट्रायल

एजेंसी ने कहा कि दूसरी वैक्सीन एपिवाकोरोना(EpiVacCorona) का इंसानों पर परीक्षण(क्लीनिकल ट्रायल) सितंबर तक पूरा हो जाएगा। हेल्थ एजेंसी के मुताबिक, सभी वालंटियर्स अच्छा महसूस कर रहे हैं। आज तक 57 वालंटियर्स को इस वैक्सीन को टीका दिया गया बै जबकि 43 को प्लेसबो दिया गया है। रूसी समाचार एजेंसी TASS की एक रिपोर्ट जिसमें उपभोक्ता अधिकार संरक्षण और मानव कल्याण पर निगरानी के लिए संघीय सेवा का हवाला दिया गया है, उसमें कहा गया कि टीका लगाए जाने के 14 से 21 दिनों के अंदर लोगों में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा तंत्र विकसित हुआ। 

रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन

इस महीने की शुरुआत में रूस ने अपनी पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी(Sputnik V) को रजिस्टर किया। रूस कोविद -19 वैक्सीन को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया है। इस बीच, रूस ने कोरोना वैक्सीन की पहली खेप (बैच) तैयार कर ली है। रूस में सबसे पहले यह वैक्सीन फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाई जाएगी। इस सप्ताह मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि रूस अपने स्पुतनिक वी वैक्सीन के बड़े पैमाने पर परीक्षण की योजना बना रहा है, जिसमें 40,000 लोग शामिल होंगे।

हालांकि, कुछ विज्ञानियों ने रूसी वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। इनका कहना है कि बिना समुचित परीक्षण के ही वैक्सीन को मंजूरी दे दी गई है। इन्हें डर है कि वैक्सीन विकसित करने की दौड़ में रूस को दुनिया में आगे रखने के चक्कर में मानकों से समझौता किया गया है। लेकिन रूस ने इन दावों को खारिज किया है।

भारत के साथ वैक्सीन का उत्पादन करना चाहता है रूस

इस बीच रूस, कोरोना वायरस की वैक्सीन के उत्पादन के लिए भारत के साथ पार्टनरशिप करने का इच्छुक है। रसियन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दिमित्री ने कहा है कि रूस, कोविड-19 की वैक्सीन स्पके उत्पादन के लिए भारत के साथ पार्टनरशिप करना चाहता है। हालांकि, भारत की ओर से इसको लेकर कोई जवाब नहीं आया है।

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