समस्तीपुर

समस्तीपुर के 2 सांसद 1 विधायक मिलकर भी बारिश में डूबते 12 लाख आवादी वाले शहर को नहीं बचा पाये

समस्तीपुर: समस्तीपुर बिहार का एक ऐसा जिला है जिसकी आवादी तकरीबन 43 लाख है और यहाँ पढ़ें लिखे लोगों की संख्या तकरीबन 63% है जो की पूरे बिहार से भी जादा है । आज बिहार का 11 जिला भयंकर बाढ की चपेट में है जिसमें कुछ हिस्सा समस्तीपुर का भी है । नदियों के जल स्तर में वृधि से उत्पन्ऩ बाढ की बात छोर दें तो समस्तीपुर शहर का जादातर हिंस्सा बारिश के पानी में हीं जलमग्न हो जाता है जिससे शहर में रह रहे तकरीबन 12 लाख आवादी को भयंकर जलजमाव से उत्पन्ऩ परेशानी और गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

क्या है नगर परिषद की व्यवस्था

शहर में फिलहाल 29 वार्ड हैं जो की अधीक्तर शहरी छेत्र में हैं जबकि शहर की 12 लाख की आवादी के हिसाब से और दर्जनों मॉल खुलने के बाद इस छेत्र को तुरंत नगर निगम बनाना चाहिये था और शहरी विकास नियम भी यही कहता है की किसी भी शहर की आवादी ढाई लाख से जादा होने पर उसे निगम बना देना चाहिये जिससे उसका अच्छे से रख रखाव किया जा सके । जनता हर साल टेक्स भर रही है नगर परिषद को ताकी उन्हे अच्छी सड़क नल नाले बेहतर मिलें लेकिन उन्हे बारिश के दिनों में मिल रहा भयंकर जल जमाव । आखिर जनता का पैसा कहां जा रहा, ये सवाल दृढ़ता से जनता को पूछना चाहिये । वैसे बढ़ती शहर की आवादी और काम बजट भी एक मुख्य कारन है इस समस्या का ।

कुछ लोगों की वजह से एक बड़ी आवादी झेलती है परेशानी

समस्तीपुर शहर की बड़ी आवादी अतिक्रमण और जबरदस्ती दबंगों द्वरा नाली बंद करने से भी परेशानी झेलती हैं । शहर की बहोत बड़ी आवादी में बड़े बड़े बुद्धिजीवी भी गली मुहल्लों में सड़कों को कहीं जान बूझकर पूरा सड़क घेरे हुए हैं तो कहीं आधा सड़क पर जबरदस्ती घर बना लिया गया है जिससे गली मुहल्लों की सड़कें छोटी होती जा रही है ओर जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है । शहर के कई इलाकों में दबंगों द्वरा नाली को हीं जाम कर दिया गया है जिससे लोग भयंकर जलजमाव झेल रहे हैं उसी का उदाहरण आज बी एड कॉलेज बना हुआ है जिसकी तस्वीर सॉसल मीडिया पर खूब वाइरल हो रही है ।

2 सांसद और 1 विधायक भी हैं इस समस्या से निजात दिलाने में विफल

समस्तीपुर शहर में 2 सांसद एक प्रिँस राज हैं और दूसरा राज्यसभा से रामनाथ ठाकुर हैं और एक राजद से विधायक हैं अख्तरूल इस्लाम शाहीन जिसको मिला दें कुल तकरीबन 10 करोड़ सालाना पैसा आता है इन्के पास शहर में खर्च करने को, लेकिन आज तक इंहोने ना हीं पैसे से और ना हीं आंदोलन से शहर को एक बेहतर ड्रेनेज सिस्टम देने की दिशा में कोई कदम उठाया है । आज नतीजा ये है की शहर के लगभग 2 लाख आवादी के घरों में पानी घुसा है बांकी रोड पर भयंकर जलजमाव का सामना कर रहे हैं ।

आम जनता भी है जिम्मेवार

आज समस्तीपुर शहर के इस भयंकर जल त्रासदी के जिम्मेवार आम जनता भी है । बिहार में जादातर लोग चुनाव के समय जात पात पे वोट करते हैं ये भूलकर की कौन छेत्र के लिये बेहतर कार्य करेगा । दूसरी बात ये है की सभी को नालीयों पर निर्भरता छोर खुद भी सोखता का निर्माण करना चाहिये । बहोत से लोग बाथरूम का मैला भी नाली में निकाल देते हैं जो की नगर परिषद अधीनीयम के तहत दंडनीय अपराध है इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए और जो करते हैं उनके खिलाफ शिकायत करनी चाहिये ।

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