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बिहार समस्तीपुर

समस्तीपुर के LJP सांसद प्रिंस राज पर लगा यौन शोषण का आरोप

चिराग पासवान ने मंगलवार को एक चिट्ठी ट्विटर पर शेयर की है। यह चिट्ठी 29 मार्च 2021 को चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस के नाम लिखी थी। इस लेटर में चिराग ने अपने चाचा पारस को लेकर कई बातों का जिक्र किया है। चिराग ने अपने पत्र में लिखा है कि स्वाति नाम की एक महिला पार्टी से जुड़ी हुई थी। स्वाति ने प्रिंस पर यौन शोषण का आरोप लगाकर ब्लैकमेल कर रही थी। चिराग ने आगे लिखा है कि परिवार के बड़े होने के नाते आपसे परामर्श किया लेकिन आपने इस गंभीर मामले को भी अनदेखा कर दिया। मैंने प्रिंस को पुलिस के पास जाने की सलाह दी, ताकि सच और झूठ सामने आए और जो कोई भी दोषी हो वह दंडित हो। 

बता दें कि चाचा-भतीजे के गुट में बंटी लोजपा की अंदरूनी लड़ाई मंगलवार को परवान चढ़ गई। चाचा पशुपति कुमार पारस ने संसदीय दल के नेता की हैसियत से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर भतीजे चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया। थोड़ी ही देर बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से भतीजे चिराग पासवान ने भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पशुपति कुमार पारस सहित पांच सांसदों को दल से निकाल दिया। दोनों ही गुटों ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिसंख्य सदस्यों के भाग लेने का दावा किया है। 

चिराग समर्थकों ने पारस के नेम प्लेट पर कालिख पोता
लोजपा के भीतर चल रहा विवाद अब सड़क पर आ गया है। चिराग समर्थक कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर लगे पशुपति कुमार पारस के बोर्ड को काले रंग से पोत दिया। साथ ही, पार्टी कार्यालय में घुसकर काफी हंगामा किया। पशुपति कुमार पारस की कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी। पारस मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए कार्यकर्ताओं की एक टोली प्रदेश कार्यालय पहुंची और जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वो पशुपति कुमार पारस को कुछ नहीं मानते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ही उनके लिए सबकुछ हैं। आज उन्हीं के कार्यालय में घुसने से उन्हें रोका जा रहा है। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। आरोप लगाया कि पारस पार्टी को चलाना नहीं चाहते हैं, वह पद और पावर के लिए चिराग पासवान के साथ गद्दारी कर रहे हैं। दावा किया कि कार्यकर्ता चिराग पासवान के साथ हैं।  

पारस गुट ने चिराग की चिठ्ठी को फर्जी बताया
पटना में पार्टी कार्यालय पर हुई घटना की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई। पारस गुट के प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने कहा कि अब कुछ लोग चरित्र हनन पर उतर गये हैं। चिराग की चिठ्ठी को उन्होंने फर्जी बताया। साथ ही कहा कि 29 मार्च को लिखी चिठ्ठी आज क्यों जारी कर रहे हैं। ऐसी कोई चिठ्ठी पशुपति कुमार पारस को नहीं मिली है। आज ही पत्र लिखकर उसपर 29 तारीख का डेट डालना कोई बड़ी बात नहीं है। कहा कि जब दो बजे राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने चिराग पासवान को पदमुक्त कर दिया तो चार बजे वह किस आधार पर सांसदों को निकाल सकते हैं। अब्दुल खालिक को यह अधिकार किसने दे दी। उन्हें पार्टी का संविधान पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पटना में नये अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद पार्टी चुनाव आयोग जाएंगी। 

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