Ganesh Chaturthi 2020
धर्म

संकष्टी चतुर्थी आज, पढ़ें पूजा विधि और चांद निकलने का समय

हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाता है। रात को चंद्रमा को देखकर व्रत खोला जाता है। अगहन, मार्गशीर्ष महीने में संकष्टी चतुर्थी का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि इस दिन गणपति की विधि-विधान से पूजा और उपवास रखने से समस्त संकट भगवान गणेश हर लेते हैं और भक्त को मनचाहे  वरदान देते हैं। इसलिए इसे संकट को हरने वाली चतुर्थी कहते हैं।

इस व्रत में रात को चांद देखकर ही व्रत पूर्ण माना जाता है। भगवान गणेश के लिए किया गया यह व्रत विद्या, बुद्धि, सुख-समृद्धि की दृष्टि से बहुत लाभदायक माना जाता है।आपको बता दें कि दिल्ली में आज चांद रात 7.51 बजे निकलेगा। मुंबई में 8:32 बजे और चेन्नई में 8:13 बजे चांद निकलेगा।

पूजा विधि: इस दिन सुबह सवेरे उठकर स्नान कर इसके बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। व्रत का संकल्प लेकर गणपति जी की पूजा की शुरूआत करें। पूजा के दौरान जातक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए। भगवान गणेश को तिल, गुड़, लड्डू, दुर्वा, चंदन और मीठा अर्पित करें। गणपति जी के सामने धूप-दीप जलाकर गणेश वंदना का पाठ करें। पूजा के बाद आप फलाहार खा सकते हैं।शाम को चांद निकलने से पहले गणपति पूजा करें और संकष्टी व्रत कथा का पाठ करें। रात को चंद्र दर्शन के बाद व्रत को खोलें।

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