धर्म

सावन 2020: इस शिव मंत्र से कट जाता है अकाल मृत्यु का भी योग, जाप करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

सावन का महीना शुरू हो चुका है। ऐसे में शिव भक्त अपनी भक्ति से भोलेबाबा को मनाने में लगे हुए हैं। शिव पुराण के अनुसार जो भी व्यक्ति इस महीने व्रत रखता है भगवान शिव उसकी सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। माना जाता है कि इस पावित्र महीने में अकाल मृत्यु से बचने,दुर्घटना, अनिष्ट ग्रहों के प्रभावों से दूर करने आयु बढ़ाने के साथ असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करना बेहद शुभ होता है।

सावन के महीने में इस मंत्र का जाप करने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन हर पूजा और मंत्र जाप के लिए हिंदू धर्म में कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने पर ही व्यक्ति को उसका लाभ मिलता है। जबकि पूजा करते समय की गई कुछ गलतियों से आप भगवान को नाराज कर सकते हैं। तो आइए जान लेते हैं, लंबी आयु का वरदान देने वाला भोलेनाथ के महामृत्युंजय मंत्र को करते समय साधक को भूलकर भी नहीं करनी चाहिए कौन सी गलतियां। 

महामृत्युंजय मंत्र-
ऊँ हौं जूं सः। ऊँ भूः भुवः स्वः ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। ऊँ स्वः भुवः भूः ऊँ। ऊँ सः जूं हौं।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय न करें ये गलतियां-
-सबसे पहले इस बात को समझ लें कि भगवान शंकर के इस मंत्र का जाप करते समय मंत्र का उच्चारण ठीक होना चाहिए। 
-महामृत्युंजय मंत्र की संख्या हमेशा बढ़ाकर की जाती है। मंत्र का जाप एक निश्चित संख्या निर्धारण करके शुरू करें। अगले दिन इनकी संख्या बढ़ाते रहें, याद रखें मंत्र की संख्या कम न करें।
-इस मंत्र का जाप करते समय शुद्ध आसन बिछा कर बैठे।  कभी भी धरती में बैठकर इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। 
-महामृत्युंजय मंत्र का जाप हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही करें। 
-मंत्र का जाप करते समय अपने मन को भटकने न दे। 

महामृत्युंजय मंत्र के लाभ-

-ग्रहों के सारे कुप्रभाव नष्ट होते हैं।

-शोक, मृत्यु के संकट टल जाते हैं।
-लंबे समय से चल रहे रोगों से मुक्ति मिलती है।

-पुराने कर्ज से मुक्ति मिलती है।

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