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बिहार में कोरोना संकट के बीच नौ माह बाद खुले स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान तो लौटी रौनक

बिहार में कोरोना संकट के बीच आज से 9वीं से 12वीं के सरकारी स्कूल, कॉलेज और निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई शुरू हो गई है। पटना के राजकीय बालिका उच्च विद्यालय चितकोहरा, सेंट माइकल हाई स्कूल, कमला नेहरू स्कूल समेत भागलपुर के चुनिहारी टोला झुनझुनवाला आदर्श बालिका उच्च विद्यालय, मारवाड़ी पाठशाला स्कूल समेत प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 60 से 70 फीसदी तक बच्चों की उपस्थिति रही।

स्कूलों में क्लास से पहले उन्हें स्कूल प्रशासन ने मास्क वितरण किया। इस दौरान बच्चों को कोरोना गाइडलाइन से अवगत कराया गया। बिहार सरकार की ओर से कोविड-19 से बचाव को लेकर और हर कक्षा में आधी क्षमता में ही विद्यार्थियों की मौजूदगी के बीच तमाम एहतियातों संग पठन-पाठन कराने का निर्देश दिया गया है। 

आपको बता दें कि कोरोना संकट को देखते हुए पहले लॉकडाउन के साथ 14 मार्च 2020 से ही सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। करीब साढ़े नौ महीने बाद अर्थात 296 दिनों की बंदी के बाद संस्थान खुलने के बाद इनमें रौनक लौट आई है। इसके साथ ही बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से भी मुक्ति की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं।

स्कूलों और अभिभावकों के लिए प्रशासन की गाइडलाइन-

  • छात्र को उनके शिड्यूल के अनुसार ही स्कूल भेजें  
  • ग्लव्स, मास्क व वाटर बोटल देकर भेजें
  • बैग में हैंड सेनेटाइजर और मास्क जरूर रखें 
  • स्कूल में छात्र एक-दूसरे के बीच कुछ भी साझा न करें, इसकी जानकारी दें
  • टिफिन बॉक्स में घर का बना हुआ ही खाना दें 

स्कूलों के लिए निर्देश

  • स्कूल को हर दिन सेनेटाइज करें
  • 50 फीसदी छात्रों को सम या विषय रोल नंबर के अनुसार बुलाएं
  • रविवार को स्कूल खोलने से पहले अभिभावक से अनुमति लें 
  • हर दिन प्रवेश द्वार, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शौचालयों आदि को सेनेटाइज करें 
  • अगर किसी शिक्षक को खांसी, जुकाम या बुखार हो तो उन्हें स्कूल न बुलाएं 
  • हाथ धोने के लिए हैंडवाश जरूर रखें
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