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राष्ट्रीय

बिहार में गंभीर बीमारियों और 50 से अधिक उम्र वाले कोरोना मरीजों की तलाश शुरू

बिहार में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर देश में सर्वाधिक 91.60 फीसदी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब गंभीर रोगों से ग्रस्त कोरोना संक्रमित मरीजों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के कोरोना संक्रमितों तलाश शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोमोरबिलिटी (जिन्हें पहले से ही गंभीर रोग है) वाले कोरोना संक्रमितों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के कोरोना संक्रमित मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। 

सभी जिलों के डीएम और सिविल सर्जन को दिया गया निर्देश
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि वे अपने अपने ज़िलें मे कोमोरबिलिटी वाले कोरोना संक्रमित मरीजों और 50 से अधिक उम्र वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को चिन्हित करें। ताकि उनके स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सके। 

ऐसे मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रखा जाएगा
जानकारी के अनुसार ऐसे कोरोना संक्रमितों को घर पर रहने की जगह कोविड केयर सेंटर में रहने के लिए कहा जायेगा ताकि उनकी देखभाल की जा सके। साथ ही संक्रमण के लक्षण मिलने पर कोविड केयर अस्पताल में रखने और ज्यादा तबियत खराब होने पर उन्हें तत्काल कोरोना के इलाज के लिए डेडिकेटेड अस्पताल में रखा जाएगा। 

सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में है सौ-सौ बेड की व्यवस्था
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए सौ-सौ बेड के वार्ड की अलग से व्यवस्था की गई है। यहां ऑक्सीजन, दवा इत्यादि की व्यवस्था है। डॉक्टरों की प्रतिदिन ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके अतिरिक्त एम्स, नालन्दा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बिहटा और मुजफ्फरपुर में 500-500बेड के कोरोना अस्पतालों में अधिकांश बेड खाली हैं।

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Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer