राष्ट्रीय

21 सितंबर से नहीं खुलेगा स्कूल ,देखें हर राज्यों की गाइडलाइन्स

गृह मंत्रालय की ताजा गाइडलाइन्स के अनुसार, 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12वीं तक छात्र जरूरत पड़ने पर अपने स्कूल जा सकते हैं। हालांकि यह सुविधा उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिनके घर कंटेनमेंट जोन के बाहर हों। सरकार की गाइडलाइन्स में यह भी कहा गया था कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्कूलों को 50 फीसदी तक टीचिंग या नॉन-टीचिंग स्टाफ बुलाने की अनुमति दे सकते हैं। स्कूलों में शिक्षक ऑनलाइन टीचिंग या टेलीकाउंसलिंग कर सकते हैं।

स्कूल खोलने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी महामारी के रोकथाम के लिए स्कूलों को खोलने, उनके परिवहन, स्कूली क्रिया कलापों की प्लानिंग और साफ-सफाई के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किया है।

इन सभी गाइडलाइन्स के साथ कई राज्यों ने आंशिक रूप से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए खोलने का फैसला किया है। 21 सितंबर 2020 स्कूलों के पुन:खोलने के लेकर किस राज्य ने क्या फैसला लिया है आगे देखिए-

दिल्ली में 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे स्कूल
राजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। जिसके तहत सरकारी समेत, निगम, एनडीएमसी, दिल्ली कैंट से संबद्ध व निजी स्कूलों पर बंदी का यह आदेश लागू होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की दिशा-निर्देश के तहत 21 सितंबर से स्कूलों को उच्च कक्षाओं वाले खोलने की छूट दी गई थी। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को आदेश जारी कर स्कूलों की बंदी को 5 अक्टूबर को बढ़ाने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश मेंं कल से नहीं खुलेंगे स्कूल-

उत्तर प्रदेश में 21 सितम्बर से स्कूल-कॉलेज नहीं खुलेंगे। केन्द्रीय गाइडलाइन के मुताबिक कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल-कॉलेज 21 सितम्बर से खुलने थे। मगर राज्य सरकार ने फैसला किया है कि यूपी के हालात अभी ऐसे नहीं हैं कि स्कूल-कॉलेज खोले जाएं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूल खोलना संभव नहीं है, इसलिए यह फैसला लेना पड़ा है।

बिहार में स्कूल खोलने की तैयारी
बिहार में 30 सितंबर तक सभी स्‍कूल और कॉलेज बंद हैं। हालांकि पटना डीएम ने कंटेनमेंट जोन के बाहर कक्षा 9 से 12 तक के स्‍कूल खोलने की अनुमति दे दी है। 21 सितंबर से ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षण संस्थान अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और कर्मचारियों को बुला सकते हैं। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को गाइडेंस के लिए स्कूल जाने की छूट दी गयी है।

उत्तराखंड में नहीं खुलेंगे स्कूल
कोरेाना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल न खोलने का निर्णय किया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक को इस बाबत कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, उस स्थिति में स्कूलों को खोलना उचित नहीं होगा। फिलहाल 30 सितंबर तक स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। 

झारखंड में 21 सितंबर से नहीं खुलेंगे स्कूल:
झारखंड में 21 सितंबर से स्कूल नहीं खुलेंगे। अनलॉक-4 में 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि झारखंड सरकार ने फैसला लिया है कि अभी छात्रों को स्कूल बुलाना ठीक नहीं है।

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के 9वीं से 12वीं कक्षा के स्कूल 21 सितंबर से खुलने जा रहे हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी के कुछ स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों को सैनिटाइज करने साथ साफ-सफाई की जा रही है। स्कूल दो पाली में संचालित होंगे, जिसमें अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा।


राजस्थान
राजस्थान में स्कूल 21 सितंबर से नहीं खुलेंगे। हालांकि सिर्फ कक्षा 9वीं से 12वीं तक बच्चे पेरेंट्स की लिखित अनुमति से गाइडेंस के लिए जा सकेंगे। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि केंद्र की गाइडलाइन में स्कूल में बच्चे सिर्फ गाइडेंस के लिए जाने का जिक्र है। गाइडलाइन में कहीं पर भी क्लास लगाने के आदेश नहीं है।


हरियाणा 
हरियाणा सरकार ने 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने की इजाजत दे दी है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत पत्र भी जारी कर दिया है। 9वीं से 12वीं तक के छात्र स्कूलों में जाकर गाइडेंस ले सकेंगे। 

गुजरात
गुजरात सरकार ने 21 सितम्बर के बाद भी राज्य में स्कूलों को नहीं खोलने का निर्णय किया है। राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ासमा ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 

केरल
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सितंबर या अक्टूबर में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जा सकते।

आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में भी 21 सितंबर से स्कूल खुल रहे हैं। यहां 50 फीसदी टीचिंग और 50 फीसदी नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल में बुलाया जा सकता है। क्लास 9 से 12 तक का कोई भी छात्र अपने पैरंट्स की लिखित अनुमति के बाद स्कूल जा सकता है और पढ़ाई कर सकता है।


स्कूल खोलने के लिए मंत्रालय की एसओपी/गाइडलाइन्स : 

  • स्कूल, कालेजों, कौशल संस्थानों को सेनेटाइज करना जरूरी होगा, इसके बिना स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं।
  • जिस भी स्कूल या कॉलेज या संस्थान को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था उन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। उन्हें पूरी तरह से सेनेटाइज करके यह सुनिश्चित करना होगा कि संस्थान संक्रमण रहित हो गया है।
  • क्लास में कुर्सियां छह फीट की दूरी पर लगाई जाएंगी।
  • स्कूल या कॉलेज में आने वाले सभी के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा।
  • गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैंड सेनेटाइ करने के इंतजाम भी करने होंगे।
  • स्कूलों में 21 सितंबर के बाद सिर्फ 9-12 के छात्रों को शिक्षक से सलाह लेने के लिए स्वेच्छा से जाने की अनुमति है। लेकिन इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति होनी चाहिए। जबकि 50 फीसदी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है। बीमारी कार्मिकों एवं गर्भवती महिला कार्मिकों को जाने की मनाही है।
  • स्कूलों में शिक्षक वहीं से आनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इस दौरान यदि कुछ छात्र चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं। स्वेच्छा से पढ़ने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक अलग-अलग टाइम स्लाट दे सकते हैं।
  • छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
  • स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूलों कालेजों में स्वीमिंग पूल आदि भीबंद रहेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर वह स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी प्रदर्शित करने होगें।
  • एसी को लेकर भी पूर्व के नियम रहेंगे जो 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटीलेशन होना चाहिए।
  • आरोग्य सेतु एप की बाबत कहा गया है कि जहां तक संभव हो सके, यह फोन में होना चाहिए। थूकने पर सख्त पाबंदी होगी।
  • कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल और शिक्षण संस्थानों को ही खुलने की अनुमति होगी। इस प्रकार जो कार्मिक या छात्र कंटेनमेंट जोन के भीतर रह रहे होंगे, उन्हें स्कूल या कालेज आने की अनुमति नहीं है।
Share This Post
Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer