समस्तीपुर

मनमोहन झा की हत्या के लिए शशि राय को दी गई थी एक लाख की राशि ,जाने किसकी थी साजिश

समस्तीपुर । जिले के टॉप टेन अपराधियों में शामिल कुख्यात शशि राय व उसके गुर्गे पवन और गोविद गिरफ्तारी के बाद पुलिस को काफी राहत मिली है। पिछले दो माह के अंतराल में शशि ने अपने गुर्गों के साथ सरेआम दो हत्या को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती पेश की थी। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश बना रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह अपने गुर्गों के साथ भूमिगत था और समस्तीपुर से झारखंड निकलने की पूरी तैयारी कर ली। इसी बीच पुलिस को भनक लगी। दबिश बना कुख्यात शशि राय व उसके गुर्गों ने मुफस्सिल व मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में हत्या के दो सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर एसपी विकास वर्मन के निर्देश परकर हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया।

सुपारी का पैसा लेकर मुंगेर से खरीदी थी कार्बाइन

पूछताछ के दौरान शशि और उसके गुर्गों ने कई कांडों में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शशि राय ने हाल ही में मुंगेर से एक लाख की कार्बाइन खरीदी थी। इसी कार्बाइन से 12 अगस्त की रात मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बरबट्टा पंचायत अंतर्गत सुआपाकर में श्राद्ध कर्म भोज के दौरान अंधाधुंध फायरिग कर महेश राय के पुत्र सामाजिक कार्यकर्ता लक्की यादव को गोलियों से भून डाला।

मनमोहन की हत्या के लिए दी गई थी एक लाख की राशि

कुख्यात शशि राय व उसके गुर्गों ने मुफस्सिल व मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में हत्या के दो सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर एसपी विकास वर्मन ने निर्देश दिया। सूत्र यह भी बताते हैं कि बीते 9 जुलाई को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सोनवर्षा चौक पर सलेमपुर निवासी मनमोहन झा की हत्या के लिए उसे एक लाख की सुपारी दी गई थी। इसी रूपये से मुंगेर में कार्बाइन खरीदी गई थी। आखिर हत्या के पीछे किसकी साजिश थी और कौन अपराधियों को संरक्षण दे रहा था। अभी कई सवाल राज बने हुए हैं। फिलहाल शशि राय और उसके गुर्गों की गिरफ्तारी से पुलिस को काफी राहत मिली है।

एक दर्जन से अधिक मामलों में है वांछित

मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के रूपौली बंघारा निवासी बालदेव राय के पुत्र शशि राय का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरूद्ध मुसरीघरारी, नगर व मुफस्सिल थाना में हत्या, लूट, रंगदारी, आम्स एक्ट के दर्जन भर से अधिक मामले दर्ज हैं। नगर थानाकांड संख्या 312/19, मुफस्सिल थाना कांड संख्या 249/ 17, 442/17, मुसरीघरारी थाना कांड संख्या 08/ 18, 13/18, 24/18, 25/18, 144/ 19, 147/ 19, 04/ 20, 09/ 20, 10/ 20, 84/20 का नामजद आरोपित है।वर्ष 2019 में जेल की सजा हो चुकी है। फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर था और आपराधिक गतिविधियों में शामिल था।

एसआईटी व डीआईयू टीम को किया जाएगा पुरस्कृत

सदर डीएसपी प्रितिश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। इसमें मुफस्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्या, पुअनि चंद्रकिशोर टुडडू, सअनि परशुराम सिंह के अलावे डीआइयू प्रभारी परमानंद लाल कर्ण, पुअनि संजय कुमार सिंह, वसंत कुमार सिंह, सिपाही अखिलेश कुमार, सेक्टर मोबाइल नवनीत कुमार, निरंजन कुमार, निशांत कुमार शामिल थे। एसपी ने कहा कि टीम के सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया जाएगा

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