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शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, बिना परीक्षा दिए पास हो जाएंगे कॉलेज के स्टूडेंट

स्कूल स्टूडेंट की तरह एमपी में अब कॉलेज स्टूडेंट भी बिना परीक्षा दिए पास हो जाएंगे। इसके लिए एमपी सरकार ने कुछ गाइडलाइन बनाए हैं। जिसकी घोषणा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कर दी है। यह निर्णय कोरोना महामारी की वजह से हुआ है।

भोपाल :कोरोना वायरस की वजह से एमपी में स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को बिना परीक्षा दिए पास कर दिया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर घोषणा की है। इससे पहले 10वीं के छात्रों को बिना कुछ पेपर्स दिए परीक्षा में पास करने की घोषणा की गई थी।

दरअसल, कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। जनसंपर्क के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर और सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे। मध्यप्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17.77 लाख परीक्षार्थी हैं।

वहीं, चौहान मंत्रालय में कोरोना वायरस के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में बैठक ले रहे थे। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा।

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