समस्तीपुर

सिंघिया में सामान्य हो रही स्थिति, बाढ़ पीड़ित लौटने लगे अपने-अपने घर, निचले इलाकों में पीड़ितों की बढ़ने लगी है परेशानी

प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की सामान्य हो रही स्थिति के बीच बांध, सड़क, व गांव के ऊंचे स्थानों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों की घर वापसी होना शुरू हो चूका है। वही प्रखंड क्षेत्र के निचले इलाकों वालाट, थरघट्टा, पीपड़ा यादव टोली, पीपड़ा पोखर, घोरहा, पैनशला गांव में 48 वे दिन भी लोगों की स्थिति यथावत बनी हुई है। बाढ़ पीड़ितों ने बताया की बाढ़ का पानी घर से निकल चुका है। लेकिन घर में कीचड़ व दलदली की समस्यां अभी भी उत्पन्न है। वहीं क्षेत्र में बाढ़ की पानी कमी आने के बाद बाढ़ के बाद की कठनाई उत्पन्न होने लगी है।
पानी घटने के साथ ही नाव परिचालन में आने लगी है रुकावट
क्षेत्र निचले इलाकों में बाढ़ की पानी कमी आने के बाद ही नाव की परिचालन में जगह – जगह रुकावट आने लगी है। इसके कारण बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ गई है। अब लोगों को दैनिक कार्य, भोजन, पशुचारा की व्यवस्था करने के लिए लंबी दुरी तय करना मजबूरी बना हुआ है। स्थिति यह है की विनाशकारी बाढ़ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सड़के खंड विखंड होकर टूट चुकी है। पीड़ितों के घर, झोपड़ी के साथ पशुओं की बथान धराशाई हो चुके है। टूटी, जर्जर सड़कों पर चलना खतरनाक बना हुआ। बाढ़ में घर गिरने के कारण विस्थापित परिवार 48 वे दिन भी त्रासदी से जूझ रहे है।

पशुपालक के लिए सरकारी स्तर पर नहीं हुई पशु चारा की व्यवस्था, दूसरे जगह से ला रहे हैं चारा
दूसरी ओर बाढ़ की आफत की मार झेल रही पशुपालक किसानों के लिए सरकारी स्तर पर पशुचारा की व्यवस्था नहीं होने के कारण पालतू व दुधारू पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था करना पशुपालक के लिए समस्यां बनी हुई है। क्षेत्र में बाढ़ के कारण हरी घास समाप्त हो चुके है। हरे घास की व्यवस्था करने के लिए मिलो दूर दूसरे क्षेत्र जाना मजबूरी बना हुआ है। चारे के लिए किसान क्षेत्र से बाहर जाकर घास काटकर लाना पड़ता है। इसके लिए किसानों को दिनभर का समय चारा की व्यवस्था करने में ही दिन भर का समय गुजर जाता है। समस्याओं के बाद भी आजतक पशुचारा की व्यवस्था नहीं कराई गई है।

कलौजर नामपुर पंचायत के लोगों की नहीं कम हो रही है परेशानी

कल्याणपुर | प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली बागमती नदी के जलस्तर में इन दिनों कमी आ रही हैं। परंतु बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की समस्या कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। बतादे कि बागमती नदी के बाढ़ के पानी से प्रखंड के कलौजर, नमापुर सहित दो दर्जन पंचायत बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की समस्या जस के तस दिख रही है। जिससे कारण बाढ़ पीड़ितों को कई समस्या से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र में बाढ़ विस्थापित राजकिशोर राम, प्रभु राय, रोहित राय, विजय राम, सुबोध राम, बिनोद राम, सुखदेव दास, निर्मला देवी, उर्मिला देवी, राजकुमारी देव, फूलो देवी, सुमित्रा देवी सहित आदि लोगों का बताना है कि हम लोग बागमती नदी के बाढ़ के पानी से विस्थापित होकर तटबंध पर रह रहे हैं परंतु स्थानीय प्रशासन की और सेेे हम लोगों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा है।

जिससे हम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पर रहा है। परंतु इस परिस्थिति में प्रशासन केे द्वारा हम लोगों को कोई सहायता नहीं मिल रही है। खास कर कलौजर, व नामापुर पंचायत के लोगों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ता है। बाढ़ के पानी कम होने के बाद भी कलौजर नामपुर पंचायत के लोगों को नहीं कम रही है परेशानी। इस संबंध में अंचलाधिकारी अभय पद दास से बताया कि बाढ़ पीड़ित लोगों को हर संभव मदद की जाा रही है।

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