Education बिहार

महात्मा गांधी केंद्रीय विवि मज़दूर संघ के द्वारा विवि प्रशासन के ख़िलाफ़ धरना ज़ारी

महात्मा गांधी की कर्म भूमि कहे जाने वाले चम्पारण स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्ख़ियो में आ रहा है। मामला इस बार विश्वविद्यालय में काम कर रहे कर्मियों का है। आपको बताते चले कि इनमे से अधिकतर वो कर्मी और मज़दूर हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय बनने के पहले दिन से अपना सहयोग एवं अपनी अपनी सेवा दी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन में सारे मज़दूर एक कम्पनी के ज़रिए बहाल किए जाते हैं। और अब विश्वविद्यालय और उस कम्पनी के बीच की बात को लेकर विश्वविद्यालय में कार्यरत मज़दूरों का शोषण हो रहा है। कुछ मज़दूरों एवं कर्मियों को निकाला भी जा चुका है। और बचे अन्य कर्मियों को भी तरह तरह की बात एवं विवि प्रशासन के पेंच में फँसाकर निकाल दिए जाने की बात चल रही है। इसी मुद्दे को लेकर विवि परिसर में महात्मा गांधी केंद्रीय विवि कर्मचारी संघ के बैनर तले सारे मज़दूर आंदोलन पर बैठ गए हैं। उन सभी का कहना है कि बिना किसी कमियों के, बिना किसी उचित कारण के उन्हें यूँ ही बर्खास्त किया जा रहा है।

धरना स्थल पर मौजूद विवि मज़दूर संघ के अध्यक्ष शैलेश मिश्रा जी ने हमारे संवाददाता से बात करते हुए कहा, “जहाँ एक तरफ़ अभी अभी हम सब कोरोना काल से निपटे हैं, हम ग़रीबों की आर्थिक स्थिति अब भी ठीक नहीं है, और अब विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय से तो उनकी रोज़ी-रोटी का एकमात्र सहारा भी छीन जाएगा। उनकी यही माँग है कि विवि प्रशासन के द्वारा बर्खास्त किए गए कर्मियों एवं मज़दूरों को वापस लाया जाए, एवं अन्य सभी को आश्वासन दिया जाए कि उनकी नौकरी से उन्हें नहीं निकाला जाएगा।”
साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी माँग पूरी होने तक उनका आंदोलन ज़ारी रहेगा। मौक़े पर सभी कर्मी-मज़दूर, विवि मज़दूर संघ की सचिव पूनम देवी, एवं भारतीय मज़दूर संघ के भी लोग मौजूद एवं संगठित हैं।

Share This Post