बिहार

मां राबड़ी देवी के घर के सामने से गुजर गया तेजप्रताप का काफिला, बिना आशीर्वाद लिए शुरू की यात्रा

पार्टी से नाराज चल रहे लालू प्रसाद यादव के बड़े तेजप्रताप यादव इस बार इतने गुस्‍से में हैं कि झगड़ा सुलझाने में शायद अपनी मां राबड़ी देवी का भी हस्‍तक्षेप नहीं चाहते हैं। कल पटना लौटीं राबड़ी देवी उनके आवास पर पहुंची थीं लेकिन तेजप्रताप ने उनसे मुलाकात नहीं की। आज उम्‍मीद थी कि वह जेपी की जयंती पर पदयात्रा निकालने से पहले घर जाकर राबड़ी देवी से आशीर्वाद लेंगे लेकिन तेजप्रताप का काफिला राबड़ी देवी के घर के सामने से गुजर गया। उन्‍होंने मां का आशीर्वाद लिए बिना ही यात्रा शुरू कर दी। 

तेजप्रताप यादव ने पिछले शनिवार को अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्‍ट कर पदयात्रा निकालने के बारे में जानकारी दी थी। छात्र जन शक्ति परिषद के बैनर तले निकाली जा रही इस पदयात्रा में उन्‍होंने अधिक से अधिक संख्‍या में शामिल होने के लिए छात्रों का आह्वान किया है। तेजप्रताप ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह अपनी मां राबड़ी देवी का आशीर्वाद लेने जरूर जाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार आज उनका काफिला गांधी मैदान के लिए निकला। काफिला राबड़ी देवी के आवास के सामने से गुजर गया लेकिन तेजप्रताप ने रुककर अपनी मां से मुलाकात नहीं की। तेजप्रताप गांधी मैदान पहंचकर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण करेंगे। इसके बाद जयप्रकाश के कदम कुआं स्थित घर तक पदयात्रा निकालेंगे। 

जिन्‍हें हमसे जलन होती है, उन्‍हें मां दुर्गा सद्बुद्धि दें

इसके पहले मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में तेजप्रताप ने कहा कि जिनको हमारी काबलियत से जलन होती है वे ही सवाल उठाते हैं। मां दुर्गा उनको सद्बुद्धि दें। 

तेजस्‍वी को भी दिया था न्‍योता

तेजप्रताप ने सोमवार को छात्र जनशक्ति परिषद की ओर से निकलने वाली पदयात्रा में शामिल होने का न्‍योता तेजस्‍वी यादव को भी दिया था। उन्‍होंने कहा वो अपने अर्जुन (तेजस्वी यादव) को भी बुला रहे हैं। वे आएं, उनका इंतजार होगा। उन्‍होंने बताया कि इस पदयात्रा में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्‍ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी के स्‍टार प्रचारकों की लिस्‍ट पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि लिस्ट में उनका नाम नहीं था, कोई बात नहीं लेकिन मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती का नाम जरूर होना चाहिए था। उन्‍होंने कहा कि स्टार प्रचारक सिर्फ कागजी प्रक्रिया है लेकिन नवरात्र का समय है। महिलाओं को सम्मान देना चाहिए था। 

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