Nitish Kumar
बिहार

नीतीश कैबिनेट का फैसला: मुखिया व सरपंच होंगे परामर्शी समिति के अध्यक्ष, वेतन भत्ता भी मिलेगा

ग्राम पंचायतें और ग्राम कचहरियां 16 जून से परामर्शी समितियों के हवाले होंगी। परामर्शी समिति के अध्यक्ष भी मुखिया, प्रमुख, सरपंच और जिला परिषद अध्यक्ष को रखा गया है। इन सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकार, कर्तव्य और भत्ता आदि आगे भी जारी रहेंगे। इससे साफ जाहिर है कि पूर्व की तरह प्रतिनिधि अगला चुनाव होने तक कार्य करते रहेंगे। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पंचायती राज विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। कुल दस प्रस्तावों पर स्वीकृति मिली। 16 जून से गठित त्रि-स्तरीय ग्राम पंचायतें और ग्राम कचहरी भंग हो जाएंगी, उनकी जगह अब परामर्शी समिति ही काम करेगी।  विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी का कार्यकाल 15 जून और इसके आस-पास समाप्त हो रहा है। 

राज्य कैबिनेट की बैठक में  निर्णय लिया गया कि जिला परिषद और पंचायत समिति की परामर्शी समितियों में संबंधित क्षेत्र के लोकसभा सदस्य, राज्यसभा सदस्य, विधायक और विधान पार्षद भी बतौर सदस्य रहेंगे। ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी की परामर्शी समिति में किसी को भी बाहर से नहीं रखा गया है। समितियों की बैठक में वे सारे पदाधिकारी-कर्मी शामिल होंगे, जो पंचायतों की बैठक में हुआ करते थे। 

कचहरी सचिवों-न्यायमित्रों का मानदेय सीधे खाते में 
ग्राम कचहरी सचिवों और न्याय मित्रों को उनके मानदेय का भुगतान सीधे खाते में पंचायती राज विभाग करेगा। इसको लेकर उनके नियोजन,  सेवाशर्त और कर्तव्य नियमावली में संशोधन पर कैबिनेट ने सहमति दे दी है। इससे उन्हें समय पर मानदेय का भुगतान हो सकेगा। अभी उनके मानदेय का भुगतान संबंधित सरपंच और उपसरपंच के संयुक्त हस्ताक्षर से चेक के माध्यम से होता था। इसमें शिकायतें आती थीं कि मानदेय भुगतान में विलंब होता है। 

आवास योजना व मनरेगा में 1173 करोड़ स्वीकृत 
वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा के तहत क्रमश: 640 करोड़ और 533 करोड़ कुल 1173 कोरड़ की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से इसकी अग्रिम निकासी की जाएगी। राज्यांश मद के हिस्से की राशि शीघ्र जिलों में जारी की जाएगी।

कैबिनेट के अन्य फैसले
– कृषि विभाग की नई सेवाओं को भी बिहार लोक सेवाओं का अधिकार कानून के तहत लाया जाएगा 
– दंगा निरोधी वाहनियों के लिए वाहन खरीद को लेकर 36 करोड़ की स्वीकृति दी गई
– सप्तदश विधानसभा के द्वितीय सत्र और विधान परिषद के 197 वें सत्रावसना की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई 
– बिहार जिला आयुष चिकित्सा-राज्य आयुष चिकित्सा सेवा नियमित-अनुबंध पर नियुक्ति-सेवाशर्त संशोधन नियमावली, 2021 स्वीकृत। 

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