बिहार

Bihar: पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी, सब्जियों से लेकर राशन तक हो रहा महंगा

पेट्रोल और डीजल के दामों में बीते दो सप्ताह से हो रही बढ़ोतरी के बाद व्यवसायियों को महंगाई बढ़ने की आशंका सताने लगी है। लगातार डीजल के दाम बढ़ने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने भी दाम बढ़ाने शुरु कर दिए हैं। इसके कारण आने वाले दिनों में दैनिक उपयोग में लाए जाने वाले सामानों के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर लोगों के किचेन तक पड़ सकता है। जानकारों की मानें तो सब्जियों और खाद्यान्न के दाम पर भी प्रभाव जल्दी ही देखने को मिल सकता है। बाहर से आने वाले चावल, दाल, सब्जी आदि की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखने को भी मिल रही है। 

सामान मंगाना हुआ महंगा
डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच बाहर से पटना पहुंचने वाले कई सामानों के दाम में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। मीठापुर के थोक सब्जी विक्रेता राम कुमार साव कहते हैं कि सहारनपुर से बन्धा, अमरोहा (उत्तर प्रदेश) से टमाटर और सिल्लीगुड़ी से आने वाला खीरा को मंगाने में लगभग पांच हजार रुपये प्रति ट्रक ज्यादा देना पड़ रहा है। इन चीजों के दाम में एक से दो रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ के महामंत्री नवीन कुमार कहते हैं कि डीजल की कीमत में बढ़ोतरी के कारण दाल, चावल, मसाला सहित अन्य सामानों की कीमत में हल्की बढोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आयात शुल्क की छूट भी अनलॉक प्रक्रिया शुरु होने के बाद वापस ली जा रही है। इसका असर भी खाद्यान्न के दामों पर दिख सकता है। 

बेचैनी में ट्रांसपोर्टर
पेट्राल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रांसपोर्टरों की बैचेनी भी बढ़ने लगी है। बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह कहते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमत कम करने सहित अन्य एजेंडा पर संगठन की तरफ से प्रधानमंत्री, गृह मंत्री सहित राज्य के कई केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखा गया है। जुलाई के पहले सप्ताह में अखिल भारतीय कांग्रेस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले दिल्ली में ट्रांसपोर्टरों की बड़ी बैठक आयोजित होने वाली है। इसमें अपनी मांगों के समर्थन में ट्रांसपोर्टर हड़ताल के विकल्प पर भी विचार करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से तीन महीने का रोड टैक्स माफ करने सहित अन्य छूट देने की अपील भी की।

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