बिहार दर्शन

ये है बिहार के 5 बेस्ट पर्यटन स्थल ,अगर आप घूमने के शौकीन के तो जरूर आइये

बात जब भी घूमने की होती है तो लोग अक्सर कश्मीर से कन्याकुमारी तक के नाम ले लेते हैं तो कुछ साउथ घूमने की सलाह देने लगते हैं। पर क्या आप जानते हैं बिहार में भी कई खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं। छुट्टियों पर जाने का प्लान बन रहा हो तो शायद ही किसी को बिहार का नाम याद भी आता होगा, तो चलिए आपके इस भ्रम को दूर किए देते हैं कि बिहार में घूमने लायक कुछ खास नहीं है, आपको बताते हैं बिहार की कुछ ऐसी खास जगह के बारे में जो यकीनन आपकी छुट्टियों का मजा दोगुना कर देगी।  

नालंदा विश्वविद्यालय
सबसे पहले आपको रूबरू करवाते हैं बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय से जहां प्राचीन समय में लोग दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते थे। बता दें, इसकी स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमार गुप्त द्वारा कि गई थी। इसके अलावा यही वो जगह है जहां सम्राट अशोक ने सबसे ज्यादा मठ और मंदिरों का निर्माण करवाया था। इसकी इमारत में खास बात यह देखने को मिलती है कि इसे लाल पत्थर से बनवाया गया है जिसे देखने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं। लोगों की मानें तो महात्मा बुद्ध भी यहां शिक्षा लेने आते थे।

गया

गया
बिहार में धर्म नगरी नाम से प्रसिद्ध गया बिहार के दूसरे सबसे बड़े शहर का नाम है। खासतौर पर इस शहर में सबसे ज्यादा विष्णु मंदिर का बहुत बड़ा महत्व है। बताया जाता है इस मंदिर में भगवान विष्णु के पांव हैं। फाल्गुन नदी के तट पर बसे इस शहर में लोग पिंड दान करने आते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा करने से मरने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इसके अलावा यह स्थान पर्यटन के लिए काफी मशहूर है। कहा जाता है भगवान बुद्ध यहां लंबे समय तक रुके रहे,जिस वजह से इसका नाम बोध गया रखा गया।

राजगृह
राजगृह को बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के रुप में पहचाना जाता है। आपको बता दें, वक्त के साथ राजगृह का नाम राजगीर के नाम में बदल गया। यहां कि हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को अपने तरफ आकर्षित करती है। तो वहीं हिन्दु और बोध धर्म के लोग यहां आकर खुद को धन्य मानते हैं। खास बात यह है कि यहां एक गर्म कुंड भी मौजूद है जहां स्नान करने के बाद लोग खुद को पवित्र समझते हैं।

वैशाली
वैशाली बिहार राज्य का एक ऐसा शहर है जिसका नाम महाभारत काल के राजा विशाल के नाम पर रखा गया था। यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा मौसम जनवरी,फरवरी,मार्च ,अप्रैल का माना जाता है। इस छोटे से गांव में लोग सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए स्तंभ और स्तूपों को देखने के लिए आते हैं। बता दें यहां का विशाल शांति स्तूप पूरे विश्व में विख्यात है। कहा जाता है भगवान बुद्ध यहां पर लंबे समय तक रूके थे। यहां एक स्थान ऐसा भी है जहां भगवान बुद्ध बारिश के मौसम का आनंद उठाया करते थे। इसके अलावा वैशाली में एक ऐसा झील है जिसके पानी को प्राचीन  समय में पवित्र माना जाता था। हालांकि आज यहां आने वाले लोग इस पानी को दूर से ही प्रणाम करके चले जाते हैं।

ककोलत एक बहुत ही खूबसूरत पहाड़ी के निकट बसा हुआ एक झरना है। यह झरना बिहार राज्य के नवादा जिले से 33 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोविन्दयपुर पुलिस स्टे शन के निकट स्थित है। नवादा से राष्ट्री य राजमार्ग संख्या3 31 पर 15 किलोमीटर दक्षिण रजौली की ओर जाने पर फतेहपुर से एक सड़क अलग होती है

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