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यह तालिबान राज है! देखें, कैसे पर्दे की आड़ में बैठे रहे यूनिवर्सिटी के छात्र और छात्राएं

अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाले आतंकवादी संगठन तालिबान ने कहा था कि देश में केवल हिजाब पहनने वाली महिलाओं को ही शिक्षा और काम (रोजगार) का अधिकार मिलेगा। तालिबान की कही हुई बात अब सच साबित हो रही है। अफगान संघर्ष को नजदीक से कवर करने वाले पत्रकार मलिक अचकजई ने दो तस्वीर ट्वीट की है। उनके मुताबिक, दोनों तस्वीर एक विश्वविद्यालय की है।

तस्वीर में आप पुरुष और महिलाओं को अलग-अलग हिस्से में बैठे हुए साफ देख सकते हैं। दोनों ग्रुप के बीच एक पर्दा भी लगा हुआ है। तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा है- तालिबान राज में विश्वविद्यालय की कक्षाएं

इससे पहले केबल मीडिया नेटवर्क फोक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था, ”महिलाओँ के अधिकार को लेकर कोई मुद्दा नहीं होगा, उनकी शिक्षा या काम से कोई समस्या नहीं, लेकिन हमें एक दूसरे की संस्कृति नहीं बदलनी चाहिए।” सुहैल ने इंटरव्यू में कहा था, ”यह कहना कि महिलाओं को हिजाब के बिना शिक्षा मिले, यह हमारी संस्कृति को बदलना है। हमारी संस्कृति में महिलाएं हिजाब के साथ शिक्षा ले सकती हैं और काम कर सकती हैं। यह एक उदाहरण है, ऐसे कई हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से महिलाओं के बिना हिजाब के काम करने और शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार को सुनिश्चित करने का आह्वान किया था, जो अफगानी संस्कृति को बदलने का एक प्रयास था। संगठन के दृष्टिकोण से यह अस्वीकार्य है।

तालिबान के प्रवक्ता का यह बयान ऐसे समय पर आया था जब कट्टरपंथी इस्लामिक समूह अफगानिस्तान में सरकार का गठन करने जा रहा है। तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जे के बाद पंजशीर को छोड़कर पूरे देश पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। 30 अगस्त तक अमेरिका ने अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया।

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