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बिहार

क्या है FasTag, जिसको लेकर बिहार में वाहन मालिकों के बीच मची है हड़कंप

एनएच से होकर पटना जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर फास्टटैग अनिवार्य कर दिया गया है. टॉल टैक्स पर अब पहली जनवरी 2021 से नगद राशि के जरिये टॉल टैक्स नहीं वसूला जायेगा. जिले में ऐसे हजारों बड़े एवं चारपहिया वाहन हैं, जिनके पास फास्टटैग नहीं लगा हुआ है. ऐसे वाहनों में फास्टटैग नहीं लगने को लेकर वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया है.

जिले से पटना जाने वाले वाहन हाइवे पर जाते समय टॉल प्लाजा (Toll Plaza News) पर कैश देते हुए कई बार जाम में फंस जाते हैं, जिससे कई लोगों के काम बिगड़ जाते हैं. अगर वाहनों पर फास्टटैग लगाया जाय तो जाम नहीं लगेगा. इससे वाहन चालकों को काफी राहत मिल जायेगी.

क्या है फास्टटैग – यह एक प्रकार का टैग और स्टिकर है, जिसे चारपहिया और बड़े वाहनों पर आगे के शीशा पर लगाया जाता है. वहीं राजमार्ग पर टॉल प्लाजा पर लगे स्कैनर वाहन पर लगे स्टीकर से डिवाइस रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन (आरएफआइडी) तकनीक के जरिये स्कैन कर लेता है और जगह के हिसाब से पैसा अपने आप वाहन मालिक के बैंक खाते से कट जायेगा, जो काफी सुविधाजनक है. अगर फास्टटैग किसी प्रीपेड एकाउंट या फिर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से लिंक नहीं है तो आपको इसे रिचार्ज कराना होता है.

कहां-कहां मिलेगा फास्टटैग – अगर कोई वाहन मालिक अपने वाहन पर फास्टटैग स्टीकर नहीं लगवाया है तो वैसे वाहन मालिक को जल्द से जल्द लगवा लेना चाहिये. वाहन मालिक फास्टटैग एमेजन, पेटीएम, स्नैपडील से लिया जा सकता है. इसके अलावे 23 बैंकों के जरिये भी इसे उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ ही एनएचएआई (NHAI) के जरिये भी फास्टटैग की बिक्री और संचालन किया जाता है.

कितनी कीमत होगी फास्टटैग की- फास्टटैग की कीमत ज्यादा नहीं है. एनएचएआई के अनुसार फास्टटैग (FasTag) की कीमत दो सौ रूपये है. इसे कम से कम एक सौ रूपये से रिचार्ज कराना होगा. जब तक फास्टटैग स्कैनर पर स्कैन करेगा तब तक यह फास्टटैग काम करता रहेगा

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