बिहार

कोरोना वैक्सीन डोज के लिए आपका नाम सेलेक्ट किया गया है! ऐसे फोन कॉल से रहें सावधान, सोशल मीडिया और फेक लिंक के जरिये मैसेज भेज उड़ा सकते हैं पैसे

बीते साल में पूरे विश्व में आतंक मचाने वाले कोविड-19 का वैक्सीन नये साल में आने वाला है। एक तरफ जहां कोरोना को मात देने के लिए इस वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। वहीं, साइबर अपराधियों की नजर भी अब इसपर है। साइबर अपराधी कोरोना वैक्सीन के डोज के नाम पर फ्रॉड की तैयारी में हैं। साइबर अपराधियों की इस तैयारी की भनक लगते ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार सहित सभी राज्यों को सतर्क कर दिया है। गृह मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने भागलपुर सहित सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट भेजा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय में साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर से आये पत्र में इस बात की आशंका जताई गयी है कि साइबर अपराधी लोगों को कॉल कर, एसएमएस कर यह बताने की कोशिश कर सकते हैं कि कोविड वैक्सीन डोज की प्राथमिकता लिस्ट में उनका नाम चयनित किया गया है। यह कहने के बाद उस व्यक्ति से महत्वपूर्ण दस्तावेज और कुछ पैसे की मांग की जा सकती है। साइबर अपराधी उनसे आधार, पैन व बैंक खाता का ब्योरा आदि मांग सकते हैं। दस्तावेज मिलते ही वे संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे उड़ा लेंगे।

इस बात की भी आशंका जताई गयी है कि साइबर अपराधी कोविड-19 वैक्सीन डोज को लेकर लोगों को फर्जी लिंक या सोशल मीडिया के जरिये वैक्सीन डोज की कीमत में डिस्काउंट या कैश बैक आदि का लोभ देकर उन्हें अपने जाल में फंसा सकते हैं। इसलिए आम लोगों को सतर्क करते हुए सुझाव दिया गया है कि वे अधिकृत वेबसाइट या सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का ही पालन करें और उनपर ही विश्वास करें।

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
– कोविड-19 वैक्सीन के डोज को लेकर इधर-उधर से आयी जानकारी को नजरअंदाज करें
– सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश और वेबसाइट पर मिली जानकारी को ही सही मानें
– मोबाइल पर वैक्सीन को लेकर कोई लिंक आये तो उसपर क्लिक करने से बचें
– वैक्सीन डोज को लेकर कहीं से कोई कॉल आये तो जिला स्तर पर उसकी पुष्टि कर लें
– वैक्सीन डोज के नाम पर व्यक्तिगत दस्तावेज का ब्योरा मांगा जाय तो उन्हें ब्योरा न दें

आमलोगों को इसको लेकर सतर्क रहना होगा। जिलों में पुलिस का साइबर सेल भी सक्रिय है। कहीं से इस तरह की शिकायत आने पर त्वरित कार्रवाई होगी। इस तरह के कॉल या लिंक आने पर पुलिस से तुरंत शिकायत करनी चाहिए।
– सुजीत कुमार, डीआईजी, भागलपुर रेंज

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