बिहार

बिहार में 47 नक्सली वारदातों में शामिल नक्सलियों के जोनल कमांडर नवल भुईयां ने किया सरेंडर

बिहार में 47 नक्सली वारदातों (गया में 9 और औरंगाबाद में 38) में वांछित नक्सलियों के जोनल कमांडर नवल भुईयां उर्फ अर्जुन ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया। गया के भदवर थाना क्षेत्र के जगतपुर का रहने वाला नवल 20 सालों से नक्सली गतिविधियों में संलिप्त था। इसी साल बांकेबाजार के सोनदाहा मध्य विद्यालय को उड़ाने में इसकी सक्रिय भूमिका थी।

नक्सलियों के मददगार पर सुरक्षाबलों की नजर
विधानसभा चुनाव को देखते हुए सुरक्षाबल नक्सलियों पर चौतरफा कार्रवाई में जुटे हैं। शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव की राह में रोड़ा अटकाने वाले नक्सली कमांडरों के साथ उनके ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) पर शिकंजा कसा जा रहा है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई ने नक्सलियों की मुश्किलें बढ़ा दी है।


रेकी से लेकर हर मदद पहुंचाते हैं
नक्सल विरोधी अभियान से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक ओवर ग्राउंड वर्कर नक्सलियों के बड़े मददगार होते हैं। आमलोगों के बीच रहकर ये नक्सलियों के लिए काम करते हैं। सुरक्षाबलों के मूवमेंट पर भी ये नजर रखते हैं और इसकी पल-पल की खबर नक्सलियों तक पहुंचाते हैं। इसके अलावा नक्सलियों के लिए जरूरत के सामान के साथ गोली-बारूद तक इसके द्वारा मुहैया कराया जाता है। ये सीधे तौर पर नक्सली संगठन से जुड़े होते हैं पर उनके साथ कभी नहीं रहते। नक्सलियों को जब किसी वारदात को अंजाम देना होता है तो पहले इनसे ही रेकी कराई जाती है। सुरक्षाबलों के काफिले को टारगेट करने में भी नक्सली इनकी मदद लेते हैं।

पहाड़ से लेकर मैदान तक चल रहा अभियान
नक्सलियों के खिलाफ अभियान को पहाड़ और जंगल तक सीमित नहीं रखा गया है। ओवर ग्राउंड वर्कर की तलाश में नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थित गांव और छोटे बाजार पर भी सुरक्षाबलों की नजर है। ऐसे लोगों के खिलाफ खुफिया जानकारी इक्ट्ठा की जा रही है, ताकि इन्हें गिरफ्तार किया जा सके। वहीं नक्सलियों के मददगार के तौर पर जिनकी पहचान पहले से स्थापित हैं उनकी तलाश में छापेमारी हो रही है। सुरक्षाबलों की कोशिश है कि चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर और नक्सली कमांडरों को गिरफ्तार किया जाए ताकि वे चुनाव में कोई गड़बड़ी न कर सकें।

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